लातेहार: कभी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने वाले बैद्यनाथ राम आज देश का उच्च सदन यानी राज्यसभा पहुंच चुके हैं। उनके सांसद बनने की खबर मिलते ही लातेहार में जश्न का माहौल है।
स्कूल की क्लास से शुरू हुआ सफर
राजनीति में आने से पहले बैद्यनाथ राम एक सरकारी स्कूल में शिक्षक थे। हाथ में चॉक और डस्टर लेकर बच्चों को पढ़ाते समय उन्होंने गांवों की गरीबी, खराब सड़कें, बिजली-पानी और बेरोजगारी जैसी समस्याओं को बहुत करीब से देखा। उन्हें लगा कि समाज को बदलने के लिए सिर्फ स्कूल में पढ़ाना काफी नहीं है, बल्कि सरकार में शामिल होकर नियम-कानून बदलना जरूरी है। बस, यहीं से उन्होंने राजनीति में कदम रखा।
3 बार विधायक और 5 बार बने मंत्री
अपनी सादगी और मिलनसार स्वभाव के कारण बैद्यनाथ राम बहुत जल्द लोगों के चहेते बन गए। जनता ने उन पर भरोसा किया और उन्हें विधानसभा भेजा। वे कुल तीन बार विधायक चुने गए और अलग-अलग सरकारों में पांच बार मंत्री भी बने। इतनी बड़ी कामयाबी मिलने के बाद भी उनकी सरलता कभी कम नहीं हुई और हमेशा आम जनता से जुड़े रहे। एक साधारण परिवार से आने वाले व्यक्ति का संसद (राज्यसभा) तक पहुंचना यह साबित करता है कि अगर मेहनत, ईमानदारी और जनता का साथ हो, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
उनकी जीत की खबर सुनते ही समर्थकों ने जमकर पटाखे फोड़े और मिठाइयां बांटीं। इस खुशी के मौके पर उनके बेटे प्रभात कुमार, चंदन कुमार, संतोष अग्रवाल और झामुमो नेता एहसान अंसारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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