
Ranchi: झारखंड राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी ने जीत दर्ज कर महागठबंधन को बड़ा झटका दिया है। चुनाव परिणाम में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम भी विजयी रहे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा।
गुरुवार को झारखंड की दो और मिजोरम की एक राज्यसभा सीट के लिए मतदान हुआ। झारखंड में दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में थे, जिससे मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया था। चुनाव परिणाम आने के बाद जेएमएम और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में एक-एक सीट गई।
राज्यसभा चुनाव में जेएमएम उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, क्योंकि पार्टी के पास पर्याप्त विधायक समर्थन मौजूद था। असली मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी के बीच था। कांग्रेस को महागठबंधन के अतिरिक्त वोटों पर भरोसा था, लेकिन मतदान के दौरान हुई कथित क्रॉस वोटिंग ने उसके समीकरण बिगाड़ दिए।
चुनाव परिणाम में जेएमएम उम्मीदवार बैद्यनाथ राम को 31 मत प्राप्त हुए, जबकि परिमल नाथवाणी को 28 वोट मिले। परिमल नथवाणी के दो मत अवैध घोषित हो गए।
वहीं कांग्रेस उम्मीदवार आवश्यक समर्थन जुटाने में असफल रहे और उन्हें केवल 20 मतों से संतोष करना पड़ा। इनका भी एक मत अवैध हो गया।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने परिमल नाथवाणी की जीत पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह एनडीए की बड़ी सफलता है। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन इस चुनाव में बुरी तरह पराजित हुआ है।
गौरतलब है कि इस बार राज्यसभा की कुल 27 सीटों पर चुनाव हुए, जिनमें से 24 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे। झारखंड के चुनाव परिणाम के बाद एनडीए की राज्यसभा में स्थिति और मजबूत होने की चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस के लिए यह परिणाम बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि महागठबंधन के अपेक्षित समर्थन के बावजूद उसका उम्मीदवार जीत दर्ज नहीं कर सका।

