रांची : कई दिनों तक तैयारी, राजनीतिक घेराबंदी एवं गहमागहमी के बीच गुरुवार को राज्यसभा चुनाव संपन्न हुआ। इसमें झामुमो के बैद्यनाथ राम एवं भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को हार का मुंह देखना पड़ा।
इस चुनाव में कुल तीन उम्मीदवार मैदान में थे। इंडिया गठबंधन की ओर से झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार बनाया था, जबकि कांग्रेस ने प्रणव झा को मैदान में उतारा था। दूसरी ओर भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ताल ठोंक रहे थे। आंकड़ों के अनुसार बैद्यनाथ राम की जीत पहले से तय मानी जा रही थी। जबकि कांग्रेस ने प्रणव झा एवं भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को राज्यसभा तक पहुंचाने के लिए इंडिया गठबंधन एवं राजग एड़ी-चोटी एक किए हुए थे।
विधानसभा के कमरा नंबर 42 में सुबह से शुरू हुई चुनावी प्रक्रिया में सभी विधायकों ने कतार में लगकर बारी-बारी से अपने वोट डाले। वोटिंग का समय शाम चार बजे तक निर्धारित था। नियत समय तक सभी 81 विधायकों ने वोट डाल दिए। शाम पांच बजे से मतगणना शुरू हुई। यह एक घंटे का समय तीनों उम्मीदवारों के लिए काफी भारी पड़ रहा था। उनके मन में जीत की खुशी एवं हार का भय के बीच द्वंद्व चल रहा था।
इंडिया गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने अपने विधायकों के साथ बैठक कर पूरी सतर्कता बरतने की नसीहत दी थी। जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने सहयोगी दलों के विधायकों को एकजुट रखने और क्रॉस वोटिंग की आशंका को रोकने के लिए उन्हें होटल में ठहराया था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन महागठबंधन की एकजुटता बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय दिखे।
महागठबंधन एवं राजग के वरिष्ठ नेता मतदान शुरू होने के पूर्व से ही अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित बताते रहे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नारा “56 नहीं, 61 हैं हम” सुर्खियों में रहा।
इसके पूर्व मुख्यमंत्री आवास पर महागठबंधन विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसमें राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई और विधायकों को मतदान प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए मॉक पोल भी कराया गया। मॉक पोल के दौरान झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम को 29 वोट और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को 25 वोट मिले थे।
झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्या ने दावा किया था कि भाजपा समर्थित उम्मीदवार के लिए जीत हासिल करना आसान नहीं होगा, क्योंकि आवश्यक संख्या बल उनके पास नहीं है। उनके अनुसार महागठबंधन के पास दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए पर्याप्त समर्थन मौजूद है।
दूसरी तरफ भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन कुमार जायसवाल एवं भाजपा विधायक सीपी सिंह ने एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नथवाणी की जीत पक्की बताई थी ।

