
रांची : रांची के मांडर इलाके में दो नाबालिग मौसेरी बहनों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। सोमवार को पॉक्सो (POCSO) की विशेष अदालत ने इस मामले के मुख्य आरोपी सुशील उरांव को दोषी ठहराया है। अब दोषी को क्या सजा मिलेगी, इस पर अदालत 27 जून को अपना फैसला सुनाएगी।
मामला 17 अप्रैल 2024 का है। चान्हो इलाके की रहने वाली दो नाबालिग बहनें अपने दो दोस्तों के साथ हूंटार गांव में मेला देखने गई थीं। रात में मेला खत्म होने के बाद चारों एक ही बाइक से वापस घर लौट रहे थे। इसी बीच रास्ते में दो नाबालिग आरोपी उन्हें मिले और बहला-फुसलाकर लड़कियों को अपने घर ले गए। जब लड़कियों ने घर जाने की जिद की, तो आरोपियों ने थोड़ी देर में छोड़ देने का झांसा दिया। इसके बाद दोनों नाबालिगों ने उनके साथ जबरदस्ती की।
हैवानियत यहीं नहीं रुकी, आरोपियों ने फोन करके अपने दोस्त सुशील उरांव को भी वहां बुला लिया। मौके पर पहुंचे सुशील ने भी एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद एक लड़की किसी तरह उनके चंगुल से भाग निकली और घर पहुंचकर घरवालों को आपबीती सुनाई। परिवार ने बिना देर किए तुरंत पुलिस से संपर्क किया। वहीं दूसरी लड़की को आरोपी सुबह में बीजूपाड़ा-खलारी रोड के पास जंगल में छोड़कर भाग गए थे, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद किया।
शिकायत मिलने के बाद मांडर थाना पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सबूत इकट्ठा किए और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने गवाहों और सबूतों को सही मानते हुए सुशील उरांव को दोषी पाया है। अब पीड़ित परिवार को 27 जून का इंतजार है, जब कोर्ट दोषी को सजा सुनाएगा। सरकारी वकील ने भी कोर्ट से मुजरिम को सख्त से सख्त सजा देने की अपील की है।
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