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Balumath Market Closed : धूल के गुबार से परेशान ग्रामीण, विरोध में बालूमाथ बाजार बंद, सड़कों पर दिन-रात दौड़ रहे ट्रक-डंपर से दुकानदार और राहगीर परेशान

भारी वाहनों की तेज रफ्तार से दुर्घटना का डर, शांतिपूर्ण बंद के जरिए प्रशासन तक पहुंचाई समस्या

by Rakesh Pandey
Balumath Market Closed
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लातेहार : झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड की सड़कों पर इन दिनों भारी वाहनों की आवाजाही के कारण उड़ रही धूल ने ग्रामीणों और दुकानदारों की परेशानी बढ़ा दी है। लगातार उड़ने वाले धूल के गुबार से लोग परेशान हैं। इसी समस्या के विरोध में शुक्रवार को बालूमाथ का बाजार बंद रहा। अधिकांश दुकानों के शटर नहीं खुले और बाजार में दिनभर सन्नाटा नजर आया।

ग्रामीणों और व्यवसायियों ने शांतिपूर्ण तरीके से बाजार बंद कर प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर खींचा। ग्रामीणों के अनुसार बालूमाथ की प्रमुख सड़कों से दिनभर कोयला लदे ट्रक और डंपर गुजरते रहते हैं। भारी वाहनों के लगातार परिचालन से सड़क की धूल उड़कर दुकानों, प्रतिष्ठानों और आसपास के घरों में पहुंच रही है। इससे आम राहगीरों के साथ-साथ सड़क किनारे कारोबार करने वाले दुकानदारों को भी काफी परेशानी हो रही है। दुकानदारों का कहना है कि धूल अब रोजमर्रा की समस्या बन गई है। दुकानों में रखे सामान पर धूल की मोटी परत जम जाती है। इससे सामान खराब होने के साथ ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

धूल के साथ तेज रफ्तार भी बनी चिंता

ग्रामीणों ने बताया कि समस्या सिर्फ धूल तक सीमित नहीं है। बाजार क्षेत्र से कोयला लदे भारी वाहन कई बार तेज गति से गुजरते हैं। इससे पैदल चलने वाले लोगों और बाइक सवारों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बाजार में भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका ग्रामीणों ने जताई है। ग्रामीणों ने बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने की मांग की है।

पानी छिड़काव और निगरानी बढ़ाने की मांग

बंद में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी तरह का विवाद या टकराव पैदा करना नहीं है। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याओं को शासन और प्रशासन तक पहुंचाना ही उनका मकसद है। ग्रामीणों का कहना है कि कोयला परिवहन आवश्यक है, लेकिन इसके कारण स्थानीय लोगों को लगातार धूल और असुरक्षित यातायात की समस्या झेलनी नहीं पड़नी चाहिए।

उन्होंने सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराने, भारी वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण लगाने और कोयला परिवहन की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेगा, जिससे स्थानीय व्यापार, आम लोगों का आवागमन और कोयला परिवहन एक साथ सुचारू रूप से जारी रह सके।

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