
चाईबासा : सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में कथित रूप से दूषित रक्त चढ़ाए जाने के कारण पांच बच्चों के एचआईवी संक्रमित होने से जुड़े मामले में झारखंड उच्च न्यायालय ने दो आरोपियों को अग्रिम जमानत दे दी है। गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एस.के. द्विवेदी की अदालत ने यह आदेश पारित किया।
जिन आरोपियों को अदालत से राहत मिली है, उनमें चाईबासा के तत्कालीन सीएमओ सह सिविल सर्जन सुशांत कुमार मांझी और चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र शामिल हैं। दोनों के खिलाफ इस मामले में चाईबासा थाना में 6 फरवरी 2026 को एफआईआर संख्या 18/2026 दर्ज की गई थी।
मामले में प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता हर्षित सहाय ने अदालत में पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपितों को अग्रिम जमानत प्रदान करने का आदेश दिया।
उल्लेखनीय है कि चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में कथित रूप से दूषित रक्त चढ़ाए जाने के बाद पांच बच्चों के एचआईवी संक्रमित होने का मामला सामने आया था, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक जांच शुरू की गई थी। मामले को लेकर जनस्वास्थ्य और चिकित्सा व्यवस्था पर भी कई सवाल उठे थे।

