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Chaibasa News : पश्चिमी सिंहभूम में रथयात्रा की धूम: जय जगन्नाथ के उद्घोष से गूंजे चाईबासा और चक्रधरपुर, उमड़ा आस्था का जनसैलाब

Chaibasa News : चक्रधरपुर में लगभग तीन सदियों (300 वर्ष) से चली आ रही ऐतिहासिक रथयात्रा इस बार भी आकर्षण का केंद्र रही। पुरानीबस्ती स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से शाम करीब 5 बजे महाप्रभु की भव्य यात्रा शुरू हुई।

by Rajeshwar Pandey
Rath Yatra
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Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम जिले में गुरुवार को महाप्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा बेहद हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ निकाली गई। चाईबासा और चक्रधरपुर समेत पूरे जिले में आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। गाजे-बाजे, शंखध्वनि और “जय जगन्नाथ” के गगनभेदी जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, भइया बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथ को खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया।

चाईबासा भव्य नगर भ्रमण के बाद मौसीबाड़ी पहुंचे भगवान

चाईबासा के सदर बाजार स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में सुबह से ही विशेष अनुष्ठान शुरू हो गए थे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद तीनों विग्रहों को सुसज्जित रथ पर विराजमान कराया गया। सदर बाजार से शुरू होकर यह रथयात्रा अमला टोला, सदर थाना, मोहल्ला, पोस्ट ऑफिस और नीमडीह चौक होते हुए गुजरी। पूरे रास्ते में भक्तों ने रथ को रोक कर महाप्रभु की आरती उतारी और छप्पन भोग व प्रसाद का वितरण किया। इस पावन अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष नितिन प्रकाश और विख्यात उद्योगपति सह समाजसेवी मुकुंद रूंगटा ने भी मंदिर पहुंचकर माथा टेका और आशीर्वाद लिया।

रथयात्रा का समापन दुर्गा मंदिर स्थित मौसीबाड़ी में हुआ, जहाँ भगवान अगले कुछ दिनों तक विश्राम करेंगे।

चक्रधरपुर: 300 साल पुरानी ऐतिहासिक परंपरा का अद्भुत नजारा

चक्रधरपुर में लगभग तीन सदियों (300 वर्ष) से चली आ रही ऐतिहासिक रथयात्रा इस बार भी आकर्षण का केंद्र रही। पुरानीबस्ती स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से शाम करीब 5 बजे महाप्रभु की भव्य यात्रा शुरू हुई।

पोड़ाहाट राजवंश से जुड़ा है इतिहास

मान्यता है कि यह ऐतिहासिक परंपरा ब्रिटिश काल से अनवरत चली आ रही है। पोड़ाहाट राजवंश के प्रतापी राजा अर्जुन सिंह भगवान जगन्नाथ के परम भक्त थे। कालांतर में इस मंदिर की सेवा-पूजा का जिम्मा मिश्र परिवार को सौंप दिया गया। पहले यहाँ 10 पहियों का विशाल रथ खींचा जाता था, जिसकी जगह अब 6 पहियों वाले पारंपरिक रथ ने ले ली है।

पड़ाव और आगे का कार्यक्रम

मिश्र परिवार के प्रणव कुमार मिश्र ने बताया कि गुरुवार शाम को रथ को बड़दांडो मार्ग पर भाजपा नेता अशोक सारंगी के आवास के समीप रोका गया, जहाँ भगवान रात्रि विश्राम करेंगे। आज (17 जुलाई) की शाम रथयात्रा पुनः आगे बढ़ेगी और भगवान मौसीबाड़ी (गुंडिचा मंदिर) पहुंचेंगे। यहाँ अगले सात दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और महाप्रसाद का वितरण होगा, जिसके बाद बहुड़ा यात्रा (घूरती रथयात्रा) के जरिए भगवान अपने मूल मंदिर लौटेंगे।

पूरे जिले में रहा उत्सव का माहौल

रथयात्रा के इस पावन मौके पर केवल शहरों में ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी भारी भीड़ उमड़ी। चक्रधरपुर के अलावा कराईकेला, सोनुवा, मनोहरपुर, चिड़िया, जगन्नाथपुर, मंझगांव और गुवा , बड़ाजामदा सहित जिले के तमाम छोटे-बड़े इलाकों में भी पूरे विधि-विधान के साथ रथयात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।

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