
jamshedpur : टाटा स्टील में आंतरिक व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में ऑर्गनाइजेशन में हुए बदलावों को देखते हुए इनेबलॉन के लिए स्टीयरिंग कमिटी और इम्प्लीमेंटेशन कमिटी का पुनर्गठन किया है। इस संबंध में शुक्रवार को टाटा स्टील के सीइओ सह प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन के हस्ताक्षर से सर्कुलर जारी किया गया है। जारी सर्कुलर में कहा गया है कि रेगुलेटरी और अन्य जरूरतों के महत्व को देखते हुए टाटा स्टील की नॉन-फाइनेंशियल रिपोर्टिंग ज्यादा जटिल और महत्वपूर्ण होती जा रही है। पिछले कुछ सालों में कंपनी की साइट्स पर यूनिफाइड और स्टैंडर्डाइज्ड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म इनेबलॉन लागू किया गया है ताकि इसकी रिपोर्टिंग और डिस्क्लोज़र की जरूरतों को पूरा किया जा सके। इस प्लेटफॉर्म को लागू करने से इएसजी डेटा का कलेक्शन, कंसोलिडेशन और ऑडिट संभव हुआ है। इसलिए इस सिस्टम को टाटा स्टील की अन्य साइट्स तक भी पहुँचाने के लिए इसे विकसित किया जा रहा है। चरण-दर-चरण प्रक्रिया होगी लागू चरण-दर-चरण लागू करने की प्रक्रिया के तहत टाटा स्टील लिमिटेड लेवल पर एनवायरनमेंट, सेफ्टी, सीएसआर,एचआर, प्रोक्योरमेंट, एथिक्स आदि जैसे मॉड्यूल और इंडिकेटर्स लागू किए गए हैं। पहले चरण के हिस्से के तौर पर 11 साइट्स पर डिपार्टमेंट लेवल पर इंडिकेटर्स तैयार किए गए हैं जिनके नाम हैं टाटा स्टील लिमिटेड में टीएसजे, टीएसके, टीएसएम, टीएसजी, वेस्ट बोकारो कोलियरी, ओएमक्यूऔर झरिया, टाटा स्टील नीदरलैंड वीबी, टाटा स्टील यूके लिमिटेड, टाटा स्टील थाईलैंड लिमिटेड व एनआईएनएल।
कार्यान्वयन के सुधार को की जा रही है समीक्षा
टाटा स्टील समूह में चरण दो को सफलतापूर्वक लागू करने और चरण 1 के कार्यान्वयन में सुधार करने के लिए गवर्नेंस प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है। इसके तहत एनाब्लॉन कार्यान्वयन का शासन एक संचालन समिति के माध्यम से होगा जिसे एनाब्लॉन संचालन समिति कहा जाता है।
संचालन समिति की भूमिकाएं इस प्रकार होंगी
परियोजना की रणनीतिक दिशा निर्धारित करना, परियोजना की गुणवत्ता की निगरानी करना और गतिरोधों का समाधान करना, परियोजना के लिए कार्यात्मक सहायता और बजट एवं संसाधन संबंधी सहायता प्रदान करना, बीआरएसआर, सीसीटीएस और सीएसआरडी रिपोर्टिंग का संचालन करना।
एनैबलॉन संचालन समिति के सदस्य इस प्रकार हैं:
वीपी राजीव मंगल को चेरपर्सन बनाया गया है। इसके अलावा अजीत कर, मार्क डेनिस, पीटर क्विन, पीयूष झा, राघव सूद, सकचाई लोयफाकाजोन, सुरजीत सिन्हा, विनीत रंजन त्रिपाठी, अनूप श्रीवास्तव, स्थायी आमंत्रित सदस्य ज्ञान प्रकाश, विकास श्रीवास्तव, डॉ. सौरभ कुंडू।
एनाब्लोन इम्प्लीमेंटेशन कमिटी की भूमिकाएँ और ज़िम्मेदारियाँ
चरण 1 को स्थिर करना और चरण 2 को लागू करना, प्रोजेक्ट प्लान की समीक्षा और मंजूरी देना और प्लान के अनुसार प्रगति की निगरानी करना, इम्प्लीमेंटेशन टीम और स्टीयरिंग कमिटी के बीच कम्युनिकेशन ब्रिज के तौर पर काम करना, प्रोजेक्ट से जुड़े मुद्दों और प्लान के अनुसार परफॉर्मेंस की नियमित रूप से निगरानी करना और स्टीयरिंग कमिटी को रिपोर्ट करना। अंतरिम और अंतिम माइलस्टोन के लिए फाइनल साइन-ऑफ की व्यवस्था करना।
इनेबलॉन इम्प्लीमेंटेशन कमिटी के सदस्य इस प्रकार हैं :
डॉ. सौरभ कुंडू, पीयूष झा, बेकिर सालगिन,डैनियल फॉल्कनर, गंगेश चंद्र झा, गौतम नायडू कामाथम, पूजा गुप्ता, प्रदीप कुमार बाल, राजेश कुमार आदि का नाम शामिल है।

