
चाईबासा : दिल्ली में शिक्षा और पर्यावरण सुधार की मांगों को लेकर अनशन पर बैठे प्रख्यात पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक भले ही अस्पताल पहुंचा दिए गए हैं, लेकिन उनके समर्थन में देशभर के साथ झारखंड का पश्चिमी सिंहभूम जिला भी आ गया है। अनशन के कारण वांगचुक की बिगड़ती सेहत से आक्रोशित चाईबासा के विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सोमवार को एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने तांबो चौक से लेकर पोस्ट ऑफिस होते हुए सदर बाजार तक एक आक्रोश पदयात्रा निकाली। इस मार्च में भारी तादाद में छात्र-छात्राएं और युवा शामिल हुए, जिनके हाथों में नारे लिखी तख्तियां थीं। पूरे रास्ते प्रदर्शनकारी ‘शिक्षा बचाओ, पर्यावरण बचाओ’ के गगनभेदी नारे लगा रहे थे।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करे सरकार : सुरेश सोय
पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश सोय ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि हम सोनम वांगचुक द्वारा शिक्षा और पर्यावरण को लेकर उठाई गई हर मांग का पुरजोर समर्थन करते हैं। केंद्र सरकार को युवाओं और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करना तुरंत बंद करना होगा।
जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज की निंदा, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान छात्रों का गुस्सा दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुए पुलिसिया एक्शन को लेकर भी फूटा। आयोजकों ने लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की।
केंद्रीय मंत्री से इस्तीफे की मांग
आक्रोशित छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। आंदोलनकारियों ने साफ लफ्जों में कहा कि यदि सरकार ने सोनम वांगचुक की जायज मांगों को जल्द नहीं माना, तो आने वाले दिनों में इस जन-आंदोलन को और ज्यादा उग्र किया जाएगा। इस दौरान विरोध प्रदर्शन में सैकड़ो की संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल थे। इसे लेकर चाईबासा पुलिस भी पूरी तरह सतर्क होकर निगरानी कर रही थी।

