Chaibasa : महिला कॉलेज चाईबासा के इतिहास विभाग द्वारा शनिवार को एक भव्य ऐतिहासिक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में इतिहास के प्रति रुचि जागृत करना और प्राचीन से आधुनिक काल की महत्वपूर्ण घटनाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करना था। छात्राओं ने वेस्ट मटेरियल, रंग, थर्माकोल और प्राकृतिक पदार्थों से मनमोहक मॉडल बनाकर सबका ध्यान खींचा।कार्यक्रम की शुरुआत प्रभारी प्राचार्य विकास कुमार मिश्रा, पूर्व प्राचार्या डॉ. प्रीतिबाला सिंहा, इतिहास विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. अमृता जायसवाल, डॉ. ललिता सुंडी, डॉ. अंजना सिंह एवं पीजी इतिहास विभाग से डॉ. विकास नंदन द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर की गई।
छात्राओं ने पेश किए विविध थीम पर बनाए गए प्रोजेक्ट
प्रदर्शनी में छात्राओं ने विविध थीम पर आधारित प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। इनमें नालंदा विश्वविद्यालय, भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका, सेरेन्गेसिया घाटी स्मारक, आधुनिक भारत में धन निष्कासन, डोम्बारी बुरु, ताजमहल, मंदिर स्थापत्य कला शैली, हम्पी का विठ्ठल नाथ मंदिर, आकर्षिणी मंदिर, पाषाण काल, सिंधु घाटी सभ्यता, संसद भवन, खरसावां गोलीकांड, जलियांवाला बाग का दृश्य, मोहनजोदड़ो, पलामू का किला, भारतीय प्राचीन मुद्रा, टाटा स्टील, लाल किला, गुप्त काल का स्वर्णयुग और पारसनाथ मंदिर प्रमुख रहे।
छात्राओं ने न सिर्फ मॉडल बनाए, बल्कि प्रत्येक प्रदर्शनी के साथ उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और महत्व की व्याख्या भी प्रस्तुत की। वेस्ट मटेरियल के रचनात्मक उपयोग की सभी ने सराहना की। छात्राओं ने अपने प्रोजेक्ट के माध्यम से इतिहास को रोचक और सजीव बनाने का सराहनीय प्रयास किया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं एवं शिक्षकों ने भाग लिया।
कॉलेज के कला संकाय, विज्ञान संकाय, बीएड विभाग एवं इंटर कॉलेज के अध्यापकगण भी उपस्थित रहे। सभी ने छात्राओं की मेहनत और रचनात्मकता की प्रशंसा की।अंत में इतिहास विभाग की ओर से सभी प्रतिभागियों एवं आगंतुकों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।हर कोई विद्यार्थियों में शोध की प्रवृत्ति विकसित होती है और वे इतिहास को किताबों से बाहर निकालकर समझ पाते हैं।
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