रांची: राजधानी रांची के बहुचर्चित जमीन घोटाले मामले में फंसे पूर्व उपायुक्त (DC) छवि रंजन की जमानत याचिका पर झारखंड उच्च न्यायालय में शुक्रवार को अहम सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की एकल पीठ ने ईडी और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है।
पहले PMLA कोर्ट से हो चुकी है जमानत याचिका खारिज
इससे पूर्व प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस में PMLA विशेष अदालत ने छवि रंजन की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद छवि रंजन ने झारखंड हाईकोर्ट में अपील दायर की। अब हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
किस जमीन मामले में है आरोप?
यह मामला रांची के बरियातू स्थित सेना के कब्जे वाली जमीन की अवैध खरीद-बिक्री से जुड़ा है। आरोप है कि इस जमीन को फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से रैयती दिखाया गया और उसकी रजिस्ट्री करवा दी गई। ईडी की जांच में इस पूरे प्रकरण में बड़ी साजिश और मिलीभगत का खुलासा हुआ है।
ईडी ने इन लोगों को बनाया है आरोपित
इस मामले में ईडी ने रांची के तत्कालीन डीसी व IAS अधिकारी छवि रंजन, विष्णु अग्रवाल (व्यवसायी), भानु प्रताप प्रसाद (राजस्व उप निरीक्षक), प्रदीप बागची (फर्जी रैयत), जमीन कारोबारी अफसर अली, इम्तियाज खान, तल्हा खान, फैयाज खान, मोहम्मद सद्दाम, अमित अग्रवाल और दिलीप घोष समेत कई अन्य को आरोपित बनाया है।
हाईप्रोफाइल केस, सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की निगाहें
यह मामला राज्य में सत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता से भी जुड़ा हुआ है। एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के नाम जुड़ने से यह केस लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट के आगामी फैसले पर टिकी हुई हैं।
Also Read: Jharkhand: स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारी में जुटा प्रशासन, मुख्य सचिव ने दिए कड़े निर्देश

