Home » Chaibasa News : मुखिया संघ की बैठक में अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और पंचम राज्य वित्त आयोग की राशि को लेकर उठी आवाज

Chaibasa News : मुखिया संघ की बैठक में अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और पंचम राज्य वित्त आयोग की राशि को लेकर उठी आवाज

मुखिया संघ की बैठक में 16 प्रखंडों के मुखियाओं ने लिया हिस्सा, बैठक में मुखियाओं की एकता, आपसी समन्वय, अधिकार, सम्मान, सुरक्षा तथा पंचायतों के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

by Hari Shankar Gope
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Chaibasa : जिला मुखिया संघ पश्चिमी सिंहभूम की एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को होटल सैपरोन सुइट्स में केंद्रीय अध्यक्ष हरिन तामसोय की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिले के 18 में से 16 प्रखंडों के मुखिया एवं पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित हुए। बैठक में मुखियाओं की एकता, आपसी समन्वय, अधिकार, सम्मान, सुरक्षा तथा पंचायतों के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों के बीच एकता एवं आपसी समन्वय को मजबूत करना तथा पंचायत स्तर पर उत्पन्न विभिन्न समस्याओं का सामूहिक समाधान तलाशना था।

एकजुटता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत : हरिन तामसोय

केंद्रीय अध्यक्ष हरिन तामसोय ने कहा कि 18 में से 16 प्रखंडों के मुखियाओं की उपस्थिति संगठन की एकता और मजबूती का स्पष्ट संदेश है। मुखिया संघ किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और ग्रामीणों के हितों की रक्षा के लिए एकजुट है।

उन्होंने कहा कि मुखिया सीधे ग्रामीणों के बीच रहकर पंचायत एवं जनहित के कार्य करते हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी पंचायत प्रतिनिधि के सामने समस्या आने पर संगठन सामूहिक रूप से उसके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने सभी मुखियाओं से आपसी मतभेदों को भुलाकर संगठन को मजबूत बनाने की अपील की।

पंचम राज्य वित्त आयोग की राशि अब तक नहीं मिलने पर नाराजगी

बैठक में झारखंड सरकार द्वारा पंचम राज्य वित्त आयोग के गठन के बाद एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पंचायतों को मिलने वाली राशि अब तक प्राप्त नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।

उपस्थित मुखियाओं ने कहा कि पंचायतों को मिलने वाली लगभग 52 लाख रुपये की राशि अब तक प्राप्त नहीं होना अत्यंत खेदजनक एवं चिंता का विषय है। राशि के अभाव में पंचायतों में विकास एवं जनहित से जुड़े कार्यों के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

केंद्रीय अध्यक्ष हरिन तामसोय ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पंचायतों को समय पर वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने झारखंड सरकार एवं संबंधित विभाग से मांग की कि पंचायतों को देय पंचम राज्य वित्त आयोग की राशि अविलंब उपलब्ध कराई जाए, ताकि पंचायतों के विकास कार्यों को गति मिल सके।

मुखियाओं के सम्मान और अधिकार से समझौता नहीं : डॉ. दिनेश चंद्र बोयपाई

वरीय उपाध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र बोयपाई ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों का सम्मान एवं अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी भी जनप्रतिनिधि के संबंध में शिकायत या आरोप होने पर उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों की पूरी जानकारी और पुष्टि के किसी पंचायत प्रतिनिधि को दोषी ठहराना उचित नहीं है। संगठन पंचायत प्रतिनिधियों से जुड़े मामलों को लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखेगा।

संगठन की एकता से ही समस्याओं का समाधान : जगमोहन सवैया

महासचिव जगमोहन सवैया ने कहा कि मुखियाओं को अपनी समस्याओं को व्यक्तिगत स्तर पर उठाने के बजाय संगठन के माध्यम से सामूहिक रूप से सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि 16 प्रखंडों से मुखियाओं की उपस्थिति यह दर्शाती है कि पंचायत प्रतिनिधि अपने अधिकार, सम्मान और संगठन की एकता को लेकर गंभीर हैं।

उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभाग एवं अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।

सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर जताई चिंता : जुलियस हेम्ब्रम

उपाध्यक्ष जुलियस हेम्ब्रम ने सोशल मीडिया के माध्यम से जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आपत्तिजनक, भ्रामक अथवा तथ्यहीन सामग्री प्रसारित किए जाने पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग किसी जनप्रतिनिधि की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। यदि किसी मुखिया के विरुद्ध तथ्यहीन या आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जाती है, तो तथ्यों की जांच के बाद संबंधित प्रशासन, पुलिस एवं साइबर सेल के समक्ष कानून के अनुसार शिकायत की जाएगी।

हर पंचायत प्रतिनिधि के साथ संगठन खड़ा रहेगा : मंगल सिंह कुंटिया

उपाध्यक्ष मंगल सिंह कुंटिया ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि लगातार ग्रामीणों के बीच रहकर जनहित के कार्य करते हैं। कई बार उन्हें विभिन्न प्रकार के दबाव एवं विवादित परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि किसी भी मुखिया को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। संगठन पंचायत प्रतिनिधियों के हित में सामूहिक रूप से आवाज उठाएगा और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन एवं पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित करेगा।

मुखियाओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से समन्वय : दोनों बनसिंह

सचिव दोनों बनसिंह ने कहा कि मुखियाओं की सुरक्षा का विषय गंभीर है। मुखिया सीधे ग्रामीणों के बीच रहकर पंचायत का संचालन एवं विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हैं। कई बार उन्हें विवादित परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मुखियाओं की सुरक्षा से संबंधित मामलों को प्रशासन एवं पुलिस विभाग के समक्ष रखा जाएगा तथा उचित सुरक्षा व्यवस्था की मांग की जाएगी।

साइबर अपराध के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करना जरूरी : गुलशन सुण्डी

कोषाध्यक्ष गुलशन सुण्डी ने बढ़ते साइबर ठगी के मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि मुखियाओं को अपने-अपने पंचायतों में ग्रामीणों को साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, फर्जी फोन कॉल से सावधान रहने तथा OTP, बैंक संबंधी जानकारी, पासवर्ड एवं अन्य गोपनीय जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए।

सोमवारी बहान्दा कायदा पंचायत के प्रकरण पर निष्पक्ष जांच की मांग

बैठक में सोमवारी बहान्दा कायदा पंचायत से संबंधित वर्तमान प्रकरण पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित मुखियाओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुखियाओं ने कहा कि किसी भी मामले में पूरी जानकारी एवं तथ्यों की पुष्टि किए बिना किसी पंचायत प्रतिनिधि को दोषी ठहराना उचित नहीं है। मामले में निष्पक्ष जांच एवं कानूनसम्मत प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।

मुखिया संघ किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं

बैठक में उपस्थित मुखियाओं ने एक स्वर में कहा कि मुखिया संघ किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। संगठन पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और ग्रामीणों के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से काम कर रहा है।

सभी मुखियाओं से आपसी मतभेदों को भुलाकर संगठन की एकता बनाए रखने तथा किसी भी पंचायत प्रतिनिधि के समक्ष समस्या उत्पन्न होने पर एक-दूसरे के साथ खड़े रहने की अपील की गई।

बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पंचायत प्रतिनिधियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सामूहिक रूप से संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। पंचम राज्य वित्त आयोग की लंबित राशि शीघ्र उपलब्ध कराने, मुखियाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकार एवं सम्मान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। 18 में से 16 प्रखंडों के मुखियाओं की व्यापक भागीदारी के साथ संपन्न हुई बैठक ने जिले में मुखिया संघ की एकता, मजबूती और सामूहिक संघर्ष की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से सामने रखा।

Read Also Chaibasa News : बाइक का बीमा क्लेम ठुकराना बजाज एलियांज को पड़ा महंगा, उपभोक्ता आयोग ने लगाया जुर्माना

Related Articles

Leave a Comment