
चाईबासा : रोटरी क्लब ऑफ चाईबासा की 15 वर्षों की निरंतर सेवा अब धरातल पर रंग लाने लगी है। क्लब द्वारा वर्षों पहले लगाए गए फलदार पौधे आज ग्रामीणों के लिए आमदनी का जरिया बन गए हैं।
क्लब द्वारा हर साल की तरह इस वर्ष भी पम्पड़ा गांव में ग्रामीणों के बीच फलदार पौधों का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गांव को फलदार गांव के रूप में पहचान दिलाना और ग्रामीणों को अतिरिक्त आय का साधन उपलब्ध कराना है। इस दौरान एक सुखद क्षण तब आया जब गांव के भारत देवगम, जगदीश देवगम और अर्जुन होनहागा ने बताया कि 10 से 15 साल पहले रोटरी क्लब द्वारा दिए गए पौधे अब बड़े होकर भरपूर फल दे रहे हैं। वे इन फलों को बाजार में बेचकर अच्छी आमदनी कर रहे हैं। ग्रामीण अपने साथ उन्हीं पेड़ों के फल भी लेकर आए थे, जिन्हें देखकर रोटरी सदस्यों में खुशी और गर्व का भाव दिखा।
ग्रामीणों ने कहा कि रोटरी क्लब की इस पहल से पामपाड़ा की पहचान अब फलदार पौधों वाले गांव के रूप में होने लगी है और कई परिवारों को इससे आर्थिक सहारा मिल रहा है। रोटरी क्लब के अध्यक्ष रोटेरियन अमित पोद्दार ने कहा कि सेवा का सबसे बड़ा फल तब मिलता है जब उसका लाभ वर्षों बाद भी लोगों के जीवन में दिखे। ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनते देख हम सभी को गर्व महसूस हो रहा है। यही रोटरी की सेवा का असली उद्देश्य है।
यह कार्यक्रम रोटेरियन पुनीत सेठिया द्वारा अपने स्वर्गीय पिता रोटेरियन शशि भाई सेठिया की पुण्य स्मृति में प्रायोजित किया गया था। कार्यक्रम में अध्यक्ष अमित पोद्दार और रोटेरियन महेश खत्री सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। क्लब ने कहा कि आगे भी पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों की आजीविका मजबूत करने के लिए ऐसे सेवा कार्य जारी रहेंगे।
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