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RANCHI NEWS: नशामुक्त झारखंड के लिए जन-आंदोलन का आह्वान, एनएचएम के एमडी ने दिया ये संदेश

तंबाकू सेवन केवल स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी नुकसानदायक

by Vivek Sharma
नशामुक्ति अभियान
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RANCHI : विश्व तंबाकू निषेध दिवस-2026 के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) झारखंड द्वारा आईपीएच में राज्य स्तरीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य तंबाकू नियंत्रण गतिविधियों को मजबूत करना, विभिन्न विभागों और हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा स्वस्थ व तंबाकू मुक्त झारखंड के निर्माण के लिए सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करना था। एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने धुएं से आजादी शीर्षक से प्रेरणादायक कविता से युवाओं को तंबाकू और अन्य नशा से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन केवल स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी नुकसानदायक है। उन्होंने तंबाकू नियंत्रण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता पर बल देते हुए होल गवर्नमेंट और होल सोसाइटी दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।

झारखंड में हर साल 40 हजार कैंसर मरीजों की पहचान

एमडी ने बताया कि झारखंड में हर वर्ष लगभग 35 से 40 हजार कैंसर मरीजों की पहचान होती है, जिनमें 40 से 45 प्रतिशत मामले मुख कैंसर के होते हैं। तंबाकू सेवन मुंह के कैंसर का प्रमुख कारण है और जागरूकता के माध्यम से इस चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है, मानसिक स्वास्थ्य को कमजोर बनाता है और परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी प्रतिकूल असर डालता है।

दंत चिकित्सक अग्रिम पंक्ति का योद्धा

उन्होंने दंत चिकित्सकों को तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की अग्रिम पंक्ति का योद्धा बताते हुए प्रत्येक दंत चिकित्सा इकाई को तंबाकू त्याग परामर्श केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही। साथ ही आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को स्वास्थ्य संवर्धन और तंबाकू त्याग सेवाओं के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। इस दौरान बताया गया कि राज्य के 1680 स्कूलों में तंबाकू जागरूकता अभियान चलाया गया है। वहीं पुलिस, शिक्षा एवं अन्य विभागों के सहयोग से 282 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। राज्यभर में 2,08,701 लोगों को तंबाकू त्याग परामर्श (टीटीसी काउंसलिंग) और 43,308 लोगों को फार्माकोथेरेपी सेवाएं प्रदान की गईं।

तीन तकनीकी सत्र किए गए आयोजित

कार्यशाला के अंतर्गत तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें तंबाकू से होने वाले मुख कैंसर, मानसिक स्वास्थ्य, नशामुक्ति परामर्श और सामुदायिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी तंबाकू और नशे के दुष्प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। एमडी शशि प्रकाश झा ने सभी अधिकारियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और प्रतिभागियों को तंबाकू निषेध की शपथ दिलाई।

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