Seraikela : सरायकेला नगर पंचायत में तैनात कार्यपालक पदाधिकारी समीर बोदरा कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। कुमारडुंगी की रहने वाली एक महिला ने उन पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। मामले में समीर बोदरा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
फरवरी में दर्ज हुई थी शिकायत
पीड़िता ने इस साल 28 फरवरी में चाईबासा कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी। कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए चाईबासा महिला थाना को रेफर कर दिया। कोर्ट के निर्देश के बाद महिला थाना पुलिस ने जांच शुरू की।
नौ धाराओं में केस दर्ज
पुलिस की विशेष टीम दो से तीन बार सरायकेला और पीड़िता के पैतृक गांव जाकर सबूतों की पड़ताल कर चुकी है। पुलिस ने समीर बोदरा के खिलाफ सदर महिला थाना चाईबासा कांड संख्या 03/2026 28 फरवरी 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इन पर धारा 61(2), 64, 69, 117(2), 115(2), 137(2), 318(2) और 351(2)(3) भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज है। आरोपों में दुष्कर्म, शादी का झूठा वादा कर यौन शोषण, आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, अपहरण और आपराधिक धमकी देना शामिल है।
गिरफ्तारी से बचने को फरार, निलंबित
समीर बोदरा के खिलाफ न्यायालय द्वारा गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। गिरफ्तारी के डर से वे फरार चल रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड सरकारी सेवक नियमावली 2016 की कंडिका 9 और झारखंड सेवा संहिता के नियम 100 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय उपायुक्त कार्यालय सरायकेला-खरसांवा निर्धारित किया गया है।
तीन महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं, पुलिस पर उठ रहे हैं सवाल
एफआईआर दर्ज होने के तीन महीने बाद भी आरोपी समीर बोदरा की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसे लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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