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Chaibasa News : पहले शहर की सड़कें हों अतिक्रमण मुक्त, फिर ग्रामीण सड़कों पर कार्रवाई

शहर के 76 अतिक्रमणकारी लोगों को दिया जा चुका है नोटिस, ताम्बो चौक से समाहरणालय तक अतिक्रमण हटाने के नोटिस पर आदिवासी हो समाज युवा महासभा ने जतायी आपत्ति

by Hari Shankar Gope
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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा ताम्बो चौक से समाहरणालय तक सड़क किनारे संचालित छोटे-छोटे ठेला, गुमटी व अन्य रोजगार के साधनों को 24 घंटे के अंदर हटाने के लिए सदर अंचल कार्यालय की ओर से जारी नोटिस पर आदिवासी हो समाज युवा महासभा ने आपत्ति जतायी है। महासभा का कहना है कि प्रशासन को पहले चाईबासा शहर की सड़कों पर चिन्हित अतिक्रमण को हटाना चाहिए। इसके बाद ही ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस मुद्दे को लेकर गुरुवार को आदिवासी हो समाज महासभा कला एवं संस्कृति भवन हरिगुटु में प्रदेश कमेटी व जिला समिति की आपात बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष गोविंद बिरुवा ने की। बैठक में ताम्बो चौक से समाहरणालय तक सड़क किनारे रोजगार करने वाले लोगों को जारी नोटिस पर विस्तार से चर्चा की गयी।

पहले 76 लोगों को दिया जा चुका है नोटिस

महासभा ने कहा कि सदर अंचल कार्यालय की ओर से कुछ माह पूर्व चाईबासा शहर की विभिन्न सड़कों पर अतिक्रमण की गयी जगहों को चिह्नित किया गया था। अमीन से मापी कराने के बाद कई दुकानों व मकानों पर लाल निशान भी लगाया गया। शहर में सड़क अतिक्रमण को लेकर करीब 76 लोगों को नोटिस दिये जाने की बात भी संगठन ने कही। इसके बावजूद अब तक शहर की चिन्हित सड़कों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया है।

छोटे व्यवसायियों के सामने रोजगार का संकट

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि ताम्बो चौक से समाहरणालय तक सड़क किनारे छोटे स्तर पर व्यवसाय करने वाले कई लोग अपनी आजीविका चला रहे हैं। इनमें कई युवक-युवतियां ऐसे भी हैं, जो रोजगार के साथ अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे लोगों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक हटाने से उनके सामने रोजगार का संकट उत्पन्न हो सकता है।

महासभा ने कहा कि यदि सड़क किनारे अतिक्रमण अथवा यातायात की समस्या है, तो प्रशासन को संबंधित दुकानदारों व स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर समाधान निकालना चाहिए। लोगों को हटाने से पहले उनके लिए उचित वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था की जानी चाहिए।

कार्रवाई में समानता व पारदर्शिता की मांग

युवा महासभा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों और एनएच-75 के आसपास सड़क किनारे लंबे समय से संचालित छोटे-बड़े व्यवसायों का भी मुद्दा उठाया। संगठन ने कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई में समानता, पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। किसी एक क्षेत्र में कार्रवाई और दूसरे क्षेत्र में लंबे समय तक छूट दिए जाने से लोगों में असंतोष उत्पन्न होता है।

संगठन ने जिला प्रशासन से मांग की कि पहले चाईबासा शहर में चिन्हित अतिक्रमण को हटाकर मुख्य सड़कों को व्यवस्थित किया जाए। इसके बाद ताम्बो चौक से समाहरणालय तक सड़क किनारे रोजगार करने वालों के मामले में संवाद और वैकल्पिक व्यवस्था के आधार पर कार्रवाई की जाए।

जबरन हटाया गया, तो लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से होगा विरोध

महासभा ने चेतावनी दी कि बिना वार्ता और वैकल्पिक व्यवस्था के यदि सड़क किनारे रोजगार करने वालों को जबरन हटाया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से इसका विरोध करेगा। साथ ही जिला प्रशासन से सड़क व्यवस्था और लोगों की आजीविका के बीच संतुलन बनाते हुए उचित समाधान निकालने की अपील की गयी। बैठक में जिला अध्यक्ष शेर सिंह बिरुवा, जिला सचिव ओयबन हेम्ब्रम, संयुक्त सचिव सुरेंद्र पुरती, कोषाध्यक्ष सत्यभरत बिरुवा, प्रदेश कोषाध्यक्ष शंकर सिंदु, टटका हेम्ब्रम, विनोद चातार, थॉमस बिरुवा सहित अन्य पदाधिकारी व ग्रामीण उपस्थित थे।

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