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Jharkhand Breaking News : झारखंड में पहली बार जब्त बालू की 2.30 करोड़ में हुई ऑनलाइन नीलामी, साईं रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड ने ली

Jharkhand Seize Sand Online Auction : सरायकेला-खरसावां जिले में 12 लाख घन फीट बालू हुआ था जब्त, लगातार चलाया गया छापेमारी अभियान

by Mujtaba Haider Rizvi
Online auction of seized sand worth 2.30 crore held in Jharkhand
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Jamshedpur : झारखंड में पहली बार छापेमारी के दौरान जब्त बालू की ऑनलाइन नीलामी की गई है। सरायकेला-खरसावां जिले में हुई इस नीलामी में रेड के दौरान सीज किए गए कुल बालू को 2 करोड़ 30 लाख रुपए में नीलाम किया गया है। नीलामी साईं रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड ने ली है। यह नीलामी जिला खनन विभाग ने की है। जब्त 12 घन फीट बालू की बेस प्राइस 1.72 करोड रुपए रखी गई थी।

प्रदेश में अब तक विभिन्न जिलों में अवैध बालू खनन व परिवहन के खिलाफ जो भी अभियान चला था, उसमें बड़े पैमाने पर बालू जब्त किया जाता था। लेकिन, बालू की ऑनलाइन नीलामी पहली बार सरायकेला खरसावां जिले में की गई है। इसके पहले कभी भी जब्त बालू की ऑनलाइन नीलामी नहीं हुई। इस नीलामी से सरकार को 2.30 करोड़ रुपए का राजस्व मिला है।

जिले में अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया गया। यह बालू जिला परिवहन विभाग ने जब्त किया था। गौरतलब है कि सरायकेला-खरसावां जिले में अवैध बालू खनन पर कड़ा शिकंजा कसा गया है। सरायकेला-खरसावां जिले में बालू के अवैध खनन और परिवहन पर लगातार कार्रवाई की गई है।

पकड़े गए वाहनों से वसूला गया था जुर्माना

जिला खनन विभाग ने पिछले साल सितंबर और अक्टूबर में 10 ट्रैक्टर, एक ट्रक, और दो हाईवा बालू जब्त किया था। इसके अलावा, 20000 घन फीट ईंट मिट्टी भी जब्त हुई थी। इसके बाद फिर छापेमारी कर 15000 घन फीट बालू जब्त किया गया था। जो वाहन बालू के अवैध परिवहन करते हुए पकड़े गए थे। उनसे 94 हजार रुपए का जुर्माना भी वसूला गया था।

नदी किनारे से पकड़ी गई थीं अवैध बालू के साथ 10 नावें में

सरायकेला में आदित्यपुर थाना क्षेत्र के शहरबेड़ा और सापड़ा घाट पर भी अवैध बालू का उत्खनन होता है। यहां नाव के जरिए अवैध बालू खनन कर इसका अवैध परिवहन किया जाता है। खनन विभाग ने यहां दिसंबर के महीने में छापामारी कर बालू के अवैध खनन में लगी 10 नावें जप्त की थीं। बड़े पैमाने पर बालू भी सीज हुआ था।

क्या बोले डीसी

इस संबंध में सरायकेला-खरसावां के डीसी नितिश कुमार सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन ने जब्त खनिज संसाधनों के निपटान के लिए ऑनलाइन नीलामी जैसी पारदर्शी एवं तकनीक आधारित प्रणाली को अपनाया है। सुशासन की दिशा में यह एक प्रभावी कदम है। उन्होंने कहा कि इससे एक ओर अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण होगा तो वहीं दूसरी तरफ राज्य के लिए अतिरिक्त राजस्व स्रोत भी सृजित होता है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में जिले में अवैध खनन के विरुद्ध की गई कार्रवाइयों में जब्त खनिजों के निपटान के लिए इसी तरह की पारदर्शी व प्रतिस्पर्धात्मक ऑनलाइन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी। ताकि, अधिकतम राजस्व प्राप्ति के साथ ही संसाधनों का विधिसम्मत एवं न्यायसंगत उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

जिले में पहली बार जब्त बालू की नीलामी हुई है। इससे सरकार को अच्छा खासा राजस्व मिला है। खनन विभाग अवैध बालू खनन करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाता रहेगा।

-ज्योति शंकर सतपथी, जिला खनन अधिकारी

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