घाटशिला : ट्रेनों की लेट लतीफी से घाटशिला के लोगों को काफी परेशानी हो रही है। ऑटो चालक की परेशानी तो और बढ़ूी हुई है। इन पर निर्भर ऑटो चालक, होटल-लॉज संचालक और छोटे व्यवसायी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
स्वर्णरेखा नदी के किनारे बसा घाटशिला झारखंड का प्रमुख पर्यटन स्थल, जहां हर वर्ष पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न राज्यों से 35 से 40 हजार पर्यटक पहुंचते हैं। लेकिन इस बार ट्रेनों के अनियमित परिचालन एवं लेटलतीफी ने पर्यटन व्यवसाय की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। हावड़ा से आने वाली ट्रेनों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। इस्पात एक्सप्रेस जहां तय समय दोपहर 2:37 बजे की बजाय रात साढ़े आठ बजे के आसपास पहुंच रही है, वहीं बड़बिल जनशताब्दी 6-7 घंटे तक विलंबित चल रही है।
तीन दिन पहले यह ट्रेन शाम साढ़े 5 बजे के बजाय अगले दिन तड़के करीब साढ़े तीन बजे पहुंची। वहीं अन्य लोकल ट्रेनों की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है। इससे यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। होटल संचालकों के अनुसार, इस बार पर्यटकों की संख्या में स्पष्ट गिरावट आई है। जो पर्यटक आ भी रहे हैं, वे निजी वाहन से आकर जल्दी लौट जाना चाहते हैं। जिससे होटल में ठहराने वालों की संख्या कम हो गई है। घाटशिला स्टेशन से जुड़े लगभग 70 ऑटो चालकों की स्थिति भी चिंताजनक हो गई है।
शिक्षित बेरोजगार ऑटो चालक संघ के सदस्यों का कहना है कि ट्रेन लेट होने से यात्रियों की संख्या घट गई है। उन्हें नौकरी नहीं चाहिए, सिर्फ ट्रेन समय पर चले ताकि वे अपना परिवार का जीवनयापन कर सकें। वहीं, पर्यटकों ने बुरूडीह जैसे पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई की कमी और पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत भी की है।
घाटशिला के प्रमुख पर्यटन स्थल गौरीकुंज, बुरूडीह डैम, धारागिरी, रंकिणी मंदिर और स्वर्णरेखा नदी तट इन दिनों पर्यटकों की कमी देखी जा रही है। ये स्थल वीरान नजर आ रहे हैं। ऑटो चालक, स्थानीय लोगों, व्यवसायियों और पर्यटकों ने सांसद विद्युतवरण महतो और घाटशिला के विधायक सोमेश चंद्र सोरेन से रेलवे व्यवस्था में सुधार कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही ट्रेनों का संचालन समय पर नहीं हुआ तो घाटशिला का पर्यटन उद्योग और अधिक प्रभावित हो सकता है.
ट्रेन की लेटलतीफी से ऑटो चालकों की स्थिति खराब हो गई है। गाड़ी चलाकर घर खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। वहीं बुरूडीह डैम में अवैध वसूली की जाती है। मनोज गुप्ता, ऑटो चालक
ट्रेन लेट होने से आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है, खासकर इमरजेंसी में अस्पताल पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है।
विजय नारायण देव, स्थानीय
ट्रेन की खराब स्थिति के कारण इस बार पर्यटक कम आए हैं. लोग अब कार से आ रहे हैं और जल्दी लौट जा रहे हैं, जिससे होटल व्यवसाय प्रभावित हुआ है।
शिवाजी चटर्जी, होटल संचालक, घाटशिला

