
हजारीबाग: हजारीबाग के कटकमदाग स्थित नावाडीह जंगल में मंगलवार को अचानक एक के बाद एक तीन तेज धमाकों से पूरा इलाका थर्रा उठा। जब आसपास के ग्रामीण आवाज सुनकर जंगल की ओर दौड़े, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। शिकारियों द्वारा लगाए गए बमों की चपेट में आने से तीन बेजुबान जानवरों-एक पालतू सूअर, एक कुत्ता और एक जंगली सियार की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो चुकी थी।
घेराबंदी देख गाड़ियां छोड़कर भागे शिकारी
धमाकों के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों की नजर वहां मौजूद दो संदिग्ध युवकों पर पड़ी। ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की, लेकिन घने जंगल का फायदा उठाकर दोनों आरोपी वहां से रफूचक्कर हो गए। भागने की हड़बड़ी में वे अपनी स्कूटी, कपड़ों से भरा बैग और अन्य सामान मौके पर ही छोड़ गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शिकारियों के सभी सामान को कब्जे में ले लिया है।
नीलगाय और सूअरों के शिकार की थी योजना
स्थानीय ग्रामीण सर्वजीत कुमार ने बताया कि इस इलाके में नीलगाय और जंगली सूअरों की संख्या काफी है। इन्हीं का शिकार करने के लिए बाहर से शिकारी गुप्त रूप से जंगल में आते हैं और खतरनाक हथकंडों का इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जंगल में गश्त बढ़ाई जाए और बेजुबानों की जान लेने वाले इन अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
जांच में जुटा वन विभाग, होगी कड़ी कार्रवाई
मामले को लेकर कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी ने बताया कि वन विभाग को पूरी जानकारी दे दी गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया वही संभाल रहा है। वहीं, वनारक्षी वीरेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि जंगलों में जीवों का शिकार करना पूरी तरह से गैरकानूनी है और इसके लिए बम जैसे विस्फोटक पदार्थों का इस्तेमाल बेहद गंभीर अपराध है। विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है और जल्द ही फरार शिकारियों की पहचान कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।

