- 20 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचा दूसरी बस्ती
Hazaribhag (Jharkhand): झारखंड के हजारीबाग जिले में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इचाक प्रखंड के चंदा में स्थित विद्यासागर विद्यालय के हॉस्टल से तीसरी कक्षा का एक आठ वर्षीय छात्र भाग निकला। आरोप है कि शिक्षकों के उत्पीड़न से तंग आकर उसने यह कदम उठाया। यह घटना बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे की है, जब शिवम कुमार (8) नाम का छात्र बाथरूम के वेंटिलेटर से कूदकर हॉस्टल से बाहर निकल गया। करीब 20 किलोमीटर पैदल चलने के बाद वह दारु प्रखंड के पेटो बस्ती में मिला।
स्कूल प्रबंधन ने परिजनों को फोन पर दी जानकारी
शिवम के परिवार, जो लुंदरू बसरिया (इचाक) के निवासी हैं, ने बताया कि कुछ दिन पहले शिवम घर आया था और उसने स्कूल नहीं जाने की जिद की थी। इसके बावजूद, उन्होंने उसे जबरन हॉस्टल भेज दिया था। बुधवार सुबह करीब 6 बजे, स्कूल प्रबंधन ने फोन कर परिजनों को बच्चे के गायब होने की जानकारी दी।
सोशल मीडिया की मदद से हुई पहचान
बच्चे के गायब होने की खबर सुनते ही परिजन उसकी तलाश में जुट गए और उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। जब शिवम पेटो बस्ती पहुंचा, तो स्थानीय लोगों को उसके अकेले होने पर शक हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर से उसकी पहचान हुई और तुरंत परिजनों को सूचित किया गया। इस तरह, बच्चा सुरक्षित अपने परिवार को मिल गया।
नानी के घर ले जाया गया शिवम
शिवम ने अपने परिजनों को बताया कि हॉस्टल में शिक्षक उसे गले और हाथ-पांव में रस्सी से बांधकर उसकी पिटाई करते थे, जिससे तंग आकर उसने भागने का फैसला किया। बच्चे ने कहा कि वह अपने ननिहाल झरपो (नारायणपुर) जाना चाहता था। परिजनों से मिलने के बाद भी वह हॉस्टल या घर जाने से डर रहा था, इसलिए उसे नानी के घर ले जाया गया।
प्रधानाध्यापक ने रस्सी से बंधने की बात स्वीकारी, पिटाई से इन्कार
वहीं, विद्यासागर विद्यालय के प्रधानाध्यापक रविशंकर प्रसाद ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि बच्चा बहुत उदंड है और घर जाना चाहता था, इसलिए उसे रस्सी से बांधा गया था। उन्होंने मारपीट के आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया।

