Jamshedpur : रांची पुलिस की सिटी एसपी के नेतृत्व वाली विशेष टीम ने बिष्टुपुर थाने में गुरुवार की देर रात जिस मामले की जांच की थी, उसमें सब गोलमाल है। किस घटना में कदमा के दो लोगों दिनेश अग्रवाल और अयान सरकार को पूछताछ के लिए बिष्टुपुर थाना लाया गया था। इस बारे में भी पुलिस खुलासा नहीं कर रही है। कोई इसे रांची के पंडरा में जमीन की खरीद बिक्री में दलाली का मामला बता रहा है। तो कोई ठगी का। तो कोई इसे अधिकारियों के ट्रांसफर पोस्टिंग से जोड़ रहा है। असल मामला क्या है इसे लेकर शनिवार को मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस मामले में पूछताछ के लिए एक पत्रकार को भी बिष्टुपुर थाने लाया गया था। पत्रकार का कहना है कि उसने रांची पुलिस से शिकायत की थी कि जिन दो लोगों को पुलिस ने जांच के नाम पर उठाया है वह पत्रकार के नाम पर वसूली कर रहे हैं। हालांकि पत्रकार ने किसी खास मामले का संदर्भ नहीं दिया कि असल मामला क्या है। किस अधिकारी के ट्रांसफर पोस्टिंग के लिए पैसे लिए गए। पत्रकार का कहना है कि उसने पुलिस को बताया कि उन्हें सूचना मिली कि उनके नाम का इस्तेमाल कर कोई वसूली कर रहा है।
क्या है रांची का जमीन खरीद मामला
इस पर पुलिस से शिकायत कर दी और इसी मामले को लेकर पुलिस बिष्टुपुर पहुंची थी और दोनों को बुलाकर उनसे पूछताछ की गई। हालांकि, बाद में दोनों को छोड़ दिया गया। दूसरी तरफ यह भी चर्चा है कि मामला रांची के पंडरा में एक जमीन खरीद से जुड़ा हुआ है। इस जमीन खरीद मामले में बड़ी दलाली हुई है। इसको लेकर ठगी की रिपोर्ट पंडरा थाने में दर्ज कराई गई है। कहा जा रहा है कि इसी मामले में पुलिस बिष्टुपुर आई थी और छानबीन कर रही थी।
क्या कहते हैं बिष्टुपुर थाना प्रभारी
हालांकि बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे पूरे मामले से खुद को किनारे कर रहे हैं। उन्होंने द फोटोन न्यूज़ को बताया कि इस मामले से बिष्टुपुर थाने का कोई लेना-देना नहीं है। मामला क्या है। पुलिस क्यों जांच कर रही थी। वह खुद भी नहीं समझ पाए।
लोग उठा रहे मामले की जांच की मांग
लोगों का कहना है कि पुलिस का इस तरह आना और कुछ लोगों को उठाकर पूछताछ करना संदेहास्पद है। इस मामले की जांच कराई जानी चाहिए। आखिरकार इस बात का खुलासा हो कि असल मामला है क्या।
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