
Jamshedpur : बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डीडी बार में 27 जून की रात हुए चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले की जांच कर रही विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) ने डीडी बार के मैनेजर विजय महानंद समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा एक विधि-विरुद्ध बालक को भी निरुद्ध किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कई हथियार, एक मोटरसाइकिल और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
घटना कैसे हुई इस बारे में बार के मैनेजर विजय ने पुलिस को जो जानकारी दी है उसके अनुसार डांस बोर्ड पर झगड़ा शुरू हुआ था। इस पर विजय ने जाकर समझाने की कोशिश की। मगर, झगड़ा शांत नहीं हो रहा था। लड़ाई बढ़ने पर मैनेजर ने इसकी सूचना बार के मालिक नीरज सिंह को दी थी। मैनेजर ने बताया कि इसके बाद बाउंसर बुला कर झगड़ा कर रहे सभी लोगों को बार के बाहर कर दिया गया। एसएसपी ने बताया कि तफ्तीश में यह बात पता चली है कि घटना के मुख्य हत्यारोपी विश्वनाथ मंडल को फोन कर बार बुलाया गया था। उसे किसने फोन किया था इस बात की जांच चल रही है।
मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में जमशेदपुर के एसएसपी एहतेशाम वकारिब ने बताया कि घटना की शुरुआत डीडी बार में गाना बजाने को लेकर हुए विवाद से हुई थी। विवाद बढ़ने की सूचना मिलने पर हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह बार पहुंचे और बार संचालक को इसकी जानकारी दी। इसके बाद दोनों को बाउंसरों ने नीचे भेज दिया। बाहर निकलते ही विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और पुलिस की मौजूदगी में आरोपियों ने दोनों पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि प्रत्युष सिंह घायल हो गए।
एसएसपी ने बताया कि इस मामले में बिष्टुपुर थाना में केस दर्ज कर 10 नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया, जिसने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मानवीय सूचना के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया। मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल की तलाश की जा रही है। इस पर दो लाख रुपए का इनाम घोषित कर दिया गया है।
ताजा कार्रवाई में पुलिस ने डीडी बार के मैनेजर विजय महानंद को बिरसानगर स्थित उसके आवास से, लखिन्द्र लोहार को धातकीडीह से तथा जगदीश मंडल उर्फ रोहन उर्फ मुर्गा को गम्हरिया थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि जगदीश मंडल ने मुख्य आरोपियों को फरार होने, हथियार छिपाने और वाहन उपलब्ध कराने में मदद की थी।
पुलिस ने लखिन्द्र लोहार और विधि-विरुद्ध बालक की निशानदेही पर एक लोहे का चापड़, कुल्हाड़ी, भुजाली, बड़ा चाकू, आठ लोहे के पंच, एक स्टील की गुप्ती, घटना में प्रयुक्त हीरो मोटरसाइकिल (जेएच-05ईएच-7980) तथा पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

