Jamshedpur : हाई कोर्ट के आदेश पर जमशेदपुर शहर की 24 इमारतों से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू हो गया है। जेएनएसी की इस कार्रवाई में सोमवार की सुबह लगभग 11:00 बजे से दो टीमें जुट गई हैं। एक टीम बिष्टुपुर का इलाका देख रही है तो दूसरी टीम साकची बिष्टुपुर में रामाडा होटल के बगल में पांच मंजिला बिल्डिंग में नक्शा विचलन पाया गया है। जेएनएसी से इसका जी प्लस थ्री का नक्शा पास है। जबकि यहां पांच मंजिला फ्लोर बना दिया गया है। इसके दो फ्लोर तोड़े जाएंगे। जेएनएसी के उपनगर आयुक्त कृष्ण कुमार खुद यहां मौजूद थे। इसके अलावा, भारी पुलिस फोर्स भी लगाई गई थी। ताकि किसी तरह का विरोध अगर हो तो उसका सामना किया जा सके। बिल्डिंग के ऊपरी फ्लोर को तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है।

इसके अलावा, साकची में बाराद्वारी समेत अन्य इलाके में चिन्हित 24 इमारतों को तोड़ा जाएगा। बाराद्वारी की एक इमारत से नक्शा विचलन खत्म करने की कार्रवाई शुरू की गई है। जेएनएसी के उपनगर आयुक्त कृष्ण कुमार ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई हो रही है। 24 इमारतों में नक्शा विचलन पाया गया है। किसी में फ्लोर का विचलन है, तो किसी में नक्शे के अनुरूप कार्य नहीं हुआ है। किसी इमारत में बेसमेंट को पार्किंग के तौर पर नक्शे में दिखाया गया है। लेकिन, वहां दुकानें बनाकर इसका व्यावसायिक उपयोग हो रहा है। यही सब विचलन हटाने का हाईकोर्ट का आदेश है।
हाई कोर्ट में दायर की गई थी रिट
गौरतलब है कि इस मामले में हाई कोर्ट में रिट दायर की गई थी। इसी मामले में हाई कोर्ट ने नक्शा विचलन हटाने का आदेश दिया है। इसी के बाद 24 इमारतों की सूची तैयार की गई है। जेएनएसी के उपनगर आयुक्त ने बताया कि सभी इमारत के मालिकों को नोटिस जारी कर दी गई है। सभी को तीन नोटिसें दी गई हैं और इसी के बाद कार्रवाई शुरू की गई है।
तोड़ी जा रही पांच मंजिला अवैध इमारत
रामाडा होटल के बगल में जो बिल्डिंग तोड़ी जा रही है उसके मालिक का कहना है कि उन्होंने नक्शा विचलन को नियमित करने के लिए जुर्माना भी भरा था। लेकिन इसके बावजूद उनका उनकी बिल्डिंग तोड़ी जा रही है । गौरतलब है कि कुछ साल पहले नगर विकास विभाग की तरफ से नक्शा विचलन को नियमित करने के लिए एक आदेश जारी किया गया था। लेकिन उसकी कुछ शर्ते थीं।
बिना आवेदन मंजूर हुए जमा कर दिया था पैसा
ज्यादातर इमारतें उन शर्तों में नहीं आ रही थीं। इसके बावजूद लोगों ने अपनी तरफ से कुछ रकम सरकार के खाते में जमा कर दी और उसी को इमारत के मालिक यह बता रहे हैं कि उन्होंने सरकार को नियमितीकरण का पैसा दिया है। जबकि, जेएनएसी के अधिकारी पहले से कहते रहे हैं कि जब उनसे पैसा मांगा ही नहीं गया तो उन्होंने पैसा जमा कैसे कर दिया। नियमानुसार मलिक को आवेदन देना था। इसके बाद जेएनएसी के इंजीनियर मौके का जायजा लेते और यह बताते हैं कि यह विचलन नियमित होने योग्य है। इसी के बाद पैसा जमा होना था। लेकिन लोगों ने बिना जांच कराए ही पैसा जमा कर दिया था।
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