
Jamshedpur : राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार अब जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी स्किल डेवलपमेंट पर आधारित कोर्सेज शुरू कर रही है। इसके तहत वीमेंस यूनिवर्सिटी में एक कोर्स शुरू किया जा रहा है। इसमें छात्राओं को ड्रोन चलाना सिखाया जाएगा। इसरो किड्स कोर्स भी शुरू होगा। यह कोर्सेज वीमेंस यूनिवर्सिटी में स्थापित नॉलेज इंक्यूबेशन फाउंडेशन के तहत चलाए जाएंगे। ड्रोन कैसे ऑपरेट होता है। इसकी जानकारी छात्राओं को मिलेगी। इसके लिए जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी राष्ट्रीय स्तर की एक एजेंसी से एमओयू करने वाली है। यह कोर्स जल्द शुरू होगा। इसके लिए जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी की डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) से बात चल रही है। वीसी ने बताया कि अब महिला विश्वविद्यालय में कंप्यूटर साइंस और जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन की भी पढ़ाई होगी।
यह जानकारी शनिवार को जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वाइस चांसलर इला कुमार ने दी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि वह अपने यहां स्किल डेवलपमेंट से जुड़े कोर्स शुरू करें। ताकि स्टूडेंट जब पढ़ कर बाहर निकले तो उनके पास स्किल भी रहे। इसी के चलते ड्रोन ऑपरेशन का यह कोर्स शुरू किया जा रहा है।
यही नहीं वीमेंस यूनिवर्सिटी इसरो के भी संपर्क में है। इसरो स्पेस किड्स नाम का प्रोग्राम भी यूनिवर्सिटी में शुरू होगा। इसमें इसरो से जुड़ी जानकारियां और अन्य टिप्स यूनिवर्सिटी की छात्राओं को दिए जाएंगे। इसरो से जुड़ी एक एजेंसी स्पेस किड्स इंडिया से यूनिवर्सिटी की बात चल रही है। एजेंसी ने विश्वविद्यालय के प्रस्ताव को स्वीकार करने के साथ एमओयू साइन करने के लिए हामी भर दी है। इसके अलावा, अन्य कई कोर्सेज भी जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी शुरू कर रहा है। यह दो कोर्स इसी साल से शुरू हो जाएंगे। जबकि, अन्य कोर्स उनकी संरचना तैयार होने के बाद शुरू होंगे। स्किल डेवलपमेंट से जुड़े कोर्सेज के लिए स्टूडेंट्स को अलग से फीस देनी होगी। राज्य सरकार ने निर्देश दिया है कि विश्वविद्यालय स्किल डेवलपमेंट से जुड़े कोर्सेज शुरू करने के लिए अपनी अलग से फीस भी तय कर सकते हैं। इसलिए जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी में एक फी फिक्सेशन कमेटी बनाई जा रही है। यही कमेटी तय करेगी कि स्किल डेवलपमेंट के किस कोर्स के लिए क्या फीस ली जाएगी।
वीसी प्रोफेसर इला कुमार ने बताया कि स्किल डेवलपमेंट के सभी कोर्सेज विश्विविद्यालय के एकेडमिक कोर्सेज से अलग होंगे। स्किल डेवलपमेंट के कोर्सेज में किसी भी विषय में पढ़ाई कर रही छात्राएं अपना पंजीकरण करा सकती हैं। स्किल डेवलमेंट के कोर्स सुबह या शाम को तब चलाए जाएंगे जब छात्राओं के रेगुलर कक्षाएं समाप्त हो जाएं। जिन छात्राओं की स्किल डेवलपमेंट के जिस कोर्स में रूचि होगी वह छात्रा उसमें पंजीकरण कराने के लिए स्वतंत्र होगी। यह रोजगार परक कोर्स होंगे। राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय को स्पष्ट निर्देश दिया है कि यूनिवर्सिटी में ऐसे कोर्स भी शुरू किए जाएं ताकि पास आउट होने के बाद छात्राएं अपना रोजगार भी शुरू कर सकें। उनके हाथ में आधुनिक हुनर भी हो।

