Ranchi : जनगणना 2027 को लेकर झारखंड सरकार ने अपना विस्तृत शेड्यूल तय कर केंद्र को भेज दिया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, राज्य में व्यक्तियों की जनगणना 9 फरवरी 2027 से शुरू होकर 28 फरवरी 2027 तक चलेगी। वहीं, पहले चरण में मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) का कार्य 16 मई से 28 जून 2026 के बीच संपन्न किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार द्वारा राज्यों से जनगणना के लिए उपयुक्त समयसीमा मांगी गई थी, जिसके तहत झारखंड ने स्थानीय परिस्थितियों और प्रशासनिक तैयारियों को ध्यान में रखते हुए यह शेड्यूल तय किया है।
पहले चरण में घर-घर होगा सर्वे
मई से जून 2026 के बीच होने वाले मकान सूचीकरण में राज्य के सभी जिलों में हर घर और भवन का सर्वे किया जाएगा। इस दौरान मकान की स्थिति, निर्माण प्रकार (कच्चा/पक्का), पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई ईंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं की जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही, एक घर में रहने वाले परिवारों की संख्या का भी प्रारंभिक डेटा तैयार किया जाएगा। मकान की सूचीकरण संबंधित आदेश भूमि राजस्व सुधार विभाग ने जारी भी कर दिया है।
9 फरवरी से शुरू होगी व्यक्तियों की गिनती
दूसरे चरण में 9 से 28 फरवरी 2027 के बीच हर व्यक्ति का विस्तृत ब्योरा जुटाया जाएगा। इसमें नाम, उम्र, लिंग, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार, प्रवास और परिवार संरचना से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। इसके अलावा दिव्यांगता और वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे।
डिजिटल मोड में होगी जनगणना
इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने पर जोर है। टैब और मोबाइल ऐप के जरिए सीधे डेटा एंट्री की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और त्रुटियों में कमी आएगी।
केंद्र की मंजूरी के बाद होगा क्रियान्वयन
जनगणना का आयोजन केंद्र सरकार के अधीन होता है, ऐसे में झारखंड द्वारा भेजे गए इस शेड्यूल को अंतिम स्वीकृति मिलना बाकी है। मंजूरी के बाद राज्य में व्यापक स्तर पर जनगणना कार्य शुरू किया जाएगा।

