
रांची : झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अपनी सुरक्षा में तैनात सभी गार्ड्स और कारकेड की तीन बोलेरो गाड़ियां वापस भेज दी हैं। मंत्री के अचानक उठाए गए कदम के बाद प्रशासनिक महकमे और सियासी हलकों में हलचल हो गई है।
इस पूरे विवाद की जड़ सुरक्षा में लगे जवानों की गाड़ी की कमी को माना जा रहा है। 29 जून को वित्त मंत्री ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को एक चिट्ठी लिखी थी। इस पत्र के जरिए उन्होंने मांग की थी कि सुरक्षाकर्मियों को आने-जाने में व्यावहारिक कठिनाई हो रही है, इसलिए उनके लिए एक अतिरिक्त गाड़ी का इंतजाम किया जाए।
कोई जवाब न मिलने पर उठाया सख्त कदम

पत्र भेजने के कई दिनों बाद भी डीजीपी दफ्तर से कोई जवाब या सकारात्मक पहल नहीं दिखी। इससे वित्त मंत्री का पारा चढ़ गया। पुलिस प्रशासन के रवैये से नाराज होकर उन्होंने अपनी पूरी सुरक्षा व्यवस्था ही सरेंडर करने का फैसला कर लिया। उन्होंने न सिर्फ सुरक्षा गार्डों को हटा दिया, बल्कि उनके काफिले में शामिल तीनों बोलेरो गाड़ियां भी डीजीपी दफ्तर को लौटा दी हैं।
उठ रहे हैं कई तरह के सवाल
इस वाकये के बाद राज्य सरकार के अंदरूनी तालमेल पर सवाल उठने लगे हैं। लोग चर्चा कर रहे हैं कि जब एक कैबिनेट मंत्री की नहीं सुनी जा रही है तो आम जनता का क्या होगा। हालांकि, इस पूरे विवाद पर अभी तक पुलिस मुख्यालय या सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री या डीजीपी इस नाराजगी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

