पलामू : झारखंड के पलामू जिले में मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (MRMCH) की आउटसोर्सिंग कंपनी बालाजी के खिलाफ कार्रवाई की संभावना अब बढ़ गई है। बुधवार को जब राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर पुलिस आउटपोस्ट का उद्घाटन करने पहुंचे, तो उन्होंने कहा कि बालाजी आउटसोर्सिंग कंपनी ने एग्रीमेंट का उल्लंघन कर समझौता अपराध किया है। इसे एक गंभीर आर्थिक अपराध माना जा सकता है।
सफाई कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर सवाल
वित्त मंत्री ने कहा कि एग्रीमेंट के तहत 300 बेड वाले अस्पताल के लिए 135 सफाईकर्मियों की नियुक्ति होनी थी, लेकिन उनके निरीक्षण में केवल 51 कर्मी ही उपस्थित पाए गए, जिनमें से 47 कर्मी काम पर थे। इसी प्रकार, 4 जनवरी को डॉ. आरके रंजन की जांच में केवल 12 कर्मी ही उपलब्ध थे। कभी 12 तो कभी 20 और कभी 25 कर्मियों की उपस्थिति रही है, जो कि स्पष्ट रूप से गबन का मामला है।
कार्रवाई की चेतावनी
राज्य सरकार की ओर से हर महीने बालाजी कंपनी को 13.5 लाख रुपए की राशि दी जाती है, लेकिन इसके बावजूद सफाईकर्मियों की संख्या पूरी नहीं की गई। मंत्री ने कहा कि यह सरकारी राशि का गबन है और अब इसकी रिकवरी की कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की गहन जांच कराने और यह पता लगाने की मांग की कि अब तक कंपनी द्वारा कितनी सरकारी राशि का गबन किया गया है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी सरकार
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और उचित कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के इस रुख को देखते हुए माना जा रहा है कि यह कदम झारखंड सरकार की ओर से सरकारी धन की रक्षा करने और आउटसोर्सिंग कंपनियों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम पहल है।

