
रांची : सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा मजबूत करने और अस्पतालों में डॉक्टरों की किल्लत खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने कदम तेजी से बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। नेपाल हाउस में हुई एक अहम समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 306 विशेषज्ञ डॉक्टरों और 200 मेडिकल अफसरों समेत कुल 506 पदों पर जल्द बहाली पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
साउथ के नामी डॉक्टरों को लाने के लिए बना विशेष पैकेज
राज्य के सरकारी अस्पतालों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं शुरू करने के उद्देश्य से सरकार ने विशेष प्लान तैयार किया है। इसके तहत चेन्नई, केरल, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे बड़े मेडिकल हब से बड़ी संख्या में विशेषज्ञ डॉक्टरों को झारखंड लाने की तैयारी है। इन अनुभवी चिकित्सकों को आकर्षित करने के लिए सरकार आकर्षक सैलरी पैकेज और विशेष सहूलियतें देने पर विचार कर रही है।
इस पूरी योजना को जमीन पर उतारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दो अलग-अलग टीमें बनाई हैं।
पहली टीम में विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा और संयुक्त सचिव ललित शुक्ला के नेतृत्व में काम करेगी। वहीं दूसरी टीम एनएचएम अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा की अगुवाई में जिम्मेदारियां संभालेगी।
ये दोनों टीमें दक्षिण भारत के राज्यों का दौरा करेंगी और वहां के डॉक्टरों की उपलब्धता, मानदेय की शर्तें और उनके लिए जरूरी सुविधाओं का पूरा अध्ययन कर रिपोर्ट सौंपेंगी।
सिर्फ मशीनें ही नहीं, चलाने वाले भी होंगे मौजूद
बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सिर्फ बड़े अस्पताल बना देने या महंगे सीटी स्कैन, एमआरआई और डिजिटल एक्स-रे उपकरण खरीद लेने से मरीजों का भला नहीं होगा। इन मशीनों को चलाने के लिए दक्ष टेक्नीशियन और समय पर सही जांच रिपोर्ट मिलना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में चिकित्सा सेवाएं दुरुस्त करने और मेडिकल कॉलेजों में खाली पड़े प्रोफेसरों के पद भरने पर भी जोर दिया गया।
इन बीमारियों के विशेषज्ञों पर रहेगा मुख्य फोकस
सरकार की प्राथमिक सूची में शिशु रोग, हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति, त्वचा रोग, सर्जरी, एनेस्थीसिया, रेडियोलॉजी, ईएनटी, नेत्र रोग और मनोरोग जैसे जरूरी विभागों के विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके अलावा 108 एंबुलेंस कर्मियों की समस्याओं को बातचीत से सुलझाने और 15 अक्तूबर को रिम्स गवर्निंग बॉडी की बैठक बुलाने पर भी सहमति बनी है।

