
रांची : झारखंड में उच्च शिक्षा में बेटियां अब लड़कों को पीछे छोड़ते हुए पढ़ाई के मैदान में नया इतिहास रच रही हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण 2023-24 के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, झारखंड देश के उन 10 चुनिंदा राज्यों की सूची में शामिल हो गया है, जहां उच्च शिक्षा संस्थानों में लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या अधिक है।
ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में छात्राओं का दबदबा
सर्वेक्षण अवधि के दौरान दर्ज आंकड़ों के अनुसार, राज्य में उच्च शिक्षा हासिल कर रहे कुल 9.2 लाख विद्यार्थियों में से छात्राओं की संख्या 4.7 लाख रही, जबकि छात्रों का आंकड़ा 4.5 लाख दर्ज किया गया। उच्च शिक्षा के सबसे महत्वपूर्ण पायदानों-स्नातक और स्नातकोत्तर में लड़कियों का दबदबा स्पष्ट रूप से देखने को मिला है। इन दोनों ही स्तरों पर कुल दाखिलों में छात्राओं की हिस्सेदारी लड़कों से काफी आगे रही।
5 वर्षों में बढ़ा छात्राओं का रुझान
पिछले पांच वर्षों के रुझानों पर नजर डालें तो उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी में उल्लेखनीय उछाल आया है। स्नातक स्तर पर पिछले 5 सालों में जहां छात्रों के नामांकन में करीब 22 हजार की बढ़ोतरी हुई, वहीं छात्राओं के दाखिले में लगभग 40 हजार का बड़ा इजाफा देखा गया।
उच्च शोध क्षेत्र में भी छात्राएं आगे हैं। इस अवधि में पीएचडी में जहां लड़कों के नामांकन में 400 से भी कम वृद्धि हुई, वहीं लड़कियों की संख्या में लगभग 900 की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में विद्यार्थियों की कुल संख्या सबसे अधिक होती है। इन दोनों प्रमुख स्तरों पर छात्राओं की मजबूत उपस्थिति के कारण राज्य के कुल उच्च शिक्षा नामांकन में महिलाओं का पलड़ा भारी हुआ है, जो राज्य के लिए एक सुखद संकेत है।
टॉप-10 राज्य जहां उच्च शिक्षा में छात्रों से अधिक छात्राओं का नामांकन
(नामांकन के आंकड़े लाख में, वर्ष 2023-24)
| क्रम | राज्य | छात्र | छात्राएं |
|---|---|---|---|
| 1 | बिहार | 13.6 | 14.0 |
| 2 | बंगाल | 12.0 | 12.5 |
| 3 | तेलंगाना | 8.7 | 9.1 |
| 4 | केरल | 5.4 | 7.4 |
| 5 | हरियाणा | 5.5 | 6.0 |
| 6 | पंजाब | 4.6 | 4.7 |
| 7 | झारखंड | 4.5 | 4.7 |
| 8 | छत्तीसगढ़ | 3.6 | 4.6 |
| 9 | असम | 3.7 | 4.3 |
| 10 | उत्तराखंड | 3.2 | 3.2 |
झारखंड में उच्च शिक्षा का नामांकन
सर्वेक्षण अवधि : 2023-24
| विद्यार्थी | स्नातक | स्नातकोत्तर |
|---|---|---|
| छात्र | 3,52,440 | 42,925 |
| छात्राएं | 3,71,097 | 62,146 |
| कुल | 7,23,537 | 1,05,071 |
पीएचडी में पांच वर्षों का नामांकन
| वर्ष | नामांकित छात्र | नामांकित छात्राएं | कुल नामांकन |
|---|---|---|---|
| 2023-24 | 2,807 | 1,913 | 4,720 |
| 2022-23 | 1,403 | 879 | 2,282 |
| 2021-22 | 2,039 | 1,113 | 3,152 |
| 2020-21 | 1,738 | 919 | 2,657 |
| 2019-20 | 2,469 | 1,020 | 3,489 |
स्नातकोत्तर में पांच वर्षों का नामांकन
| वर्ष | नामांकित छात्र | नामांकित छात्राएं | कुल नामांकन |
|---|---|---|---|
| 2023-24 | 42,925 | 62,146 | 1,05,071 |
| 2022-23 | 46,427 | 66,974 | 1,13,401 |
| 2021-22 | 48,894 | 63,574 | 1,12,468 |
| 2020-21 | 42,929 | 62,500 | 1,05,429 |
| 2019-20 | 42,783 | 63,051 | 1,05,834 |
स्नातक में पांच वर्षों का नामांकन
| वर्ष | नामांकित छात्र | नामांकित छात्राएं | कुल नामांकन |
|---|---|---|---|
| 2023-24 | 3,52,440 | 3,71,097 | 7,23,537 |
| 2022-23 | 3,57,852 | 3,52,306 | 7,10,158 |
| 2021-22 | 3,62,777 | 3,47,379 | 7,10,156 |
| 2020-21 | 3,14,684 | 3,12,130 | 6,26,814 |
| 2019-20 | 3,30,828 | 3,29,263 | 6,60,091 |

