Dhanbad : आयुक्त और उपायुक्त के स्तर से मनरेगाकर्मियों को काम पर वापस लौटने का आदेश दिया गया है। जबकि कर्मियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तब तक वे अनश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। वहीं ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री दीपिक पांडेय सिंह ने भी आग्रह किया है कि कर्मी काम पर वापस लौटें। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मियों के वार्षिक बढ़ोत्तरी, ग्रेड पे और मानदेय भुगतान जैसे मामलों पर सरकार सहमत है। जल्द ही इन सभी का लाभ उन्हें मिलेगा।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि बीते 82 दिनों से कर्मी हड़ताल पर हैं। कर्मियों से उन्होंने स्वयं तीन बार मुलाकात की।
इसके अलावा मनरेगा आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों से भी वार्ता हुई। कर्मियों ने 30 प्रतिशत वार्षिक बढ़ोत्तीरी की मांग किया था, जिस पर वित्त विभाग ने पांच प्रतिशत पर सहमति दी। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद भी वार्षिक बढ़ोत्तरी बढ़ाने के लिए वित्त विभाग को फाइल दी गई है। उन्होंने बताया कि करीब 20 प्रतिशत से मनरेगा कर्मियों के मानेदय में वार्षिक बढ़ोत्तरी होगी। ग्रेड पे के मामले पर भी कार्रवाई शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जो मानदेय बकाया है उसकी राशि केंद्र से अब प्राप्त हो चुकी है और महज दो से तीन दिनों के अंदर इसका भुगतान कर दिया जाएगा।
11.43 करोड़ का मानव दिवस हुआ सृजन : मंत्री दीपिका
पांडेय सिंह ने बताया कि हड़ताल के बावजूद भी करीब 11.43 करोड़ का मानव दिवस सृजन किया गया। जबकि लक्ष्य 12 करोड़ का था। उन्होंने कहा कि विभाग के स्तर से ग्रामीणों को रोजगार देने का पूरा प्रयास हो रहा है। वर्तमान में केंद्र सरकार के कारण मनरेगा को जारी रखने पर अनिश्चितता की स्थिति है। फिलहाल मनरेगा कर्मियों को राज्य सरकार और विभाग के साथ खड़ा होना चाहिए। ताकि योजना चलती रहे। सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर है।
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