
रांची : राज्य में प्रतियोगिता परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद अब दो बड़े मोर्चों पर पहुंच गया है। CID की विशेष टीम SIT ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा-2023 में हुई धांधली के सबूत जुटाने के लिए आम लोगों से मदद मांगी है। वहीं दूसरी तरफ 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट में 24 अगस्त को सुनवाई होनी है।
सीआईडी ने जारी किए संपर्क नंबर
सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों की पड़ताल कर रही एसआईटी ने परीक्षार्थियों और आम नागरिकों से आगे आकर सहयोग करने की अपील की है। सीआईडी ने आश्वस्त किया है कि इस मामले में जानकारी या साक्ष्य देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। परीक्षा में धांधली से जुड़े दस्तावेज, ऑडियो, वीडियो या चैट जैसे पुख्ता सबूत साझा किए जा सकते हैं। इसके लिए संपर्क विवरण है-कॉल/व्हाट्सएप: 9771432118, ईमेल: cglinfo@jhpolice.gov.in
हाल ही में जेपीएससी परीक्षा धांधली में गिरफ्तार आरोपी अभय तिवारी से पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अभय और उसकी पत्नी दोनों जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में सफल रहे थे। अभय दर्जन भर से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं में पास हुआ है, जिसके बाद सीआईडी अब यह पता लगा रही है कि उसने परीक्षा में सफलता कैसे हासिल की। मामले में 37 संदिग्धों से पूछताछ हो चुकी है। पूर्व में साक्ष्यों के अभाव में केस कोर्ट में नहीं टिक सका था, लेकिन अभ्यर्थियों की मांग और सरकार के नए निर्देशों के बाद जांच दोबारा तेज कर दी गई है।
वहीं जेपीएससी की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितता का मामला अब शीर्ष अदालत पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से यह याचिका दायर की है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जायमाला बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ 24 अगस्त को इस पर सुनवाई करेगी।
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