Ghatshila : झारखंड में पर्यटन को नई दिशा देने की पहल के तहत राज्य पर्यटन विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कोडरमा एवं पूर्वी सिंहभूम जिलों से चयनित 60 प्रतिभागियों के साथ 5 अधिकारियों को पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दार्जिलिंग, सिलीगुड़ी और आस-पास के क्षेत्रों में एक्सपोजर विजिट पर भेजा गया है।
एसडीओ ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
शनिवार को इस विशेष प्रशिक्षण यात्रा को अनुमंडल पदाधिकारी सुनील चंद्र ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को आधुनिक पर्यटन प्रबंधन, होमस्टे संचालन और सतत विकास के व्यावहारिक पहलुओं से सीधे तौर पर परिचित कराना है। इस पहल का संचालन डेस्टिनेशन अनलिमिटेड टूर एंड ट्रेवल्स जमशेदपुर द्वारा किया जा रहा है।
दार्जिलिंग के पर्यटन मॉडल का बारीकी से होगा अध्ययन
इस एक्सपोजर विजिट के दौरान प्रतिभागियों को दार्जिलिंग के सफल पर्यटन मॉडल को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा। यहां होमस्टे क्लस्टर आधारित मॉडल पर विकसित किए गए हैं जो चाय बागानों, मठों और प्राकृतिक स्थलों के आसपास संचालित होते हैं। यह मॉडल झारखंड के आदिवासी गांवों और इको-टूरिज्म क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है, जिससे राज्य को एक नई पर्यटन पहचान मिल सकती है। कार्यक्रम से जुड़े निदेशक मनोरंजन मंगराज के अनुसार, इस मॉडल की एक खास विशेषता महिला सशक्तिकरण है। दार्जिलिंग में कई होमस्टे महिलाओं द्वारा सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं। इसी तर्ज पर झारखंड में भी महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और पर्यटकों को सुरक्षित, आत्मीय और स्थानीय अनुभव प्राप्त होगा। प्रतिभागियों को स्थानीय संस्कृति-पारंपरिक भोजन, लोक संगीत और हस्तशिल्प को पर्यटन से जोड़कर आय के विविध स्रोत विकसित करने की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देते हुए अपशिष्ट प्रबंधन, जैविक उत्पादों के उपयोग और इको-फ्रेंडली निर्माण तकनीकों का प्रशिक्षण भी शामिल है। इसमें धालभूमगढ़ से 14, घाटशिला से 36 और कोडरमा से 15 महिलाएं इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा बनी हैं।
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