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Jharkhand Rain : झारखंड में फिर बदला मौसम का मिजाज, 18 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 40 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

by Rakesh Pandey
Jharkhand Weather
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रांची : झारखंड में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ने के संकेत हैं। मौसम केंद्र रांची की ओर से आज राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है। राज्य के कई जिलों में मौसम के अचानक बदलने और कुछ स्थानों पर तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। मौसम केंद्र रांची की जिलावार सूचना में 17 सितंबर के लिए आंधी-तूफान और वज्रपात से जुड़ी चेतावनी दर्ज है।

मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड में 17 सितंबर को बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। दक्षिणी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में मौसम में बदलाव का असर अधिक दिखाई दे सकता है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवा चलने की भी संभावना है। ऐसे में खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम में अचानक होने वाले बदलाव को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

झारखंड के 18 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

17 सितंबर को झारखंड के 24 जिलों में मौसम की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, लेकिन चेतावनी का स्तर सभी जिलों में एक जैसा नहीं है। उपलब्ध मौसम चेतावनी के अनुसार रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में मौसम खराब होने की संभावना है।

इन इलाकों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। रांची समेत दक्षिणी और मध्य झारखंड के जिलों में बादल छाने तथा बीच-बीच में वर्षा होने से तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

इन 6 जिलों में येलो अलर्ट

उत्तर-पूर्वी झारखंड के छह जिलों को भी मौसम की चेतावनी के दायरे में रखा गया है। इनमें देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं।

इन जिलों में भी गरज के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। हालांकि यहां चेतावनी का स्तर अन्य जिलों की तुलना में अलग है। मौसम केंद्र रांची की जिलावार चेतावनी प्रणाली में 17 सितंबर के लिए जिलों के अनुसार मौसम संबंधी चेतावनी जारी की गई है।

सभी 24 जिलों में गरज-चमक और वज्रपात का खतरा

झारखंड के किसी एक हिस्से तक मौसम में बदलाव सीमित नहीं रहने वाला है। रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां के अलावा देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।

वज्रपात की स्थिति में खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी है। मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से भी बचना चाहिए।

40 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं तेज हवाएं

मौसम में बदलाव के दौरान हवा की रफ्तार भी बढ़ सकती है। राज्य के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। तेज हवा के साथ बारिश और वज्रपात होने की स्थिति में कमजोर संरचनाओं, पेड़-पौधों और बिजली व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

ऐसे मौसम में वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश के दौरान दृश्यता कम होने और सड़क पर पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हो सकता है।

रांची समेत इन जिलों में सुहाना रहेगा मौसम

बारिश और बादलों के प्रभाव के कारण रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा और लातेहार समेत दक्षिण-मध्य झारखंड के कई इलाकों में तापमान सामान्य दिनों की तुलना में नियंत्रित रह सकता है। बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने से मौसम अपेक्षाकृत सुहाना महसूस हो सकता है।

हालांकि सुहाने मौसम के बीच अचानक गरज-चमक और तेज बारिश की स्थिति बन सकती है। इसलिए बादल छाए रहने को मौसम के पूरी तरह सुरक्षित या साफ होने का संकेत नहीं माना जा सकता।

20 सितंबर तक मौसम में बदलाव की संभावना

मौसम केंद्र रांची की उपलब्ध चेतावनी के अनुसार 17 सितंबर को झारखंड में गरज-चमक और वज्रपात की गतिविधियां प्रमुख रूप से बनी रह सकती हैं। वहीं 18 से 20 सितंबर के लिए राज्य स्तर पर इसी तरह की चेतावनी नहीं दिखाई गई है।

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