
रांची/ देवघर: झारखंड सरकार द्वारा 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षाओं को निरस्त किए जाने के फैसले का सीधा असर अब देवघर के विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले की व्यवस्था पर भी दिखने लगा है। मेले में मजिस्ट्रेट और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल रहे करीब 70 अधिकारी और कर्मचारी अधिसूचना जारी होते ही अपनी ड्यूटी छोड़ रांची और अपने गृह क्षेत्रों के लिए रवाना हो गए हैं।
मेले के ओपी-5 में तैनात मजिस्ट्रेट हरे राम और अधिकारी अमित आनंद व कई अन्य ने सरकार के आदेश की जानकारी मिलते ही तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया और पद छोड़ दिया। मंगलवार देर रात आए इस फैसले के बाद से ही मेले में तैनात नवचयनित अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया था।
प्रशासनिक व्यवस्था पर असर
देवघर के उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया के मुताबिक जेपीएससी के जरिए नियुक्त लगभग 70 अधिकारी मेले में तैनात थे, जो फैसला आने के बाद अपनी सेवाएं छोड़ चुके हैं। अब उनकी जगह उन स्थानीय अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा रही है जो अब तक मेला ड्यूटी में शामिल नहीं थे।
अंतिम सोमवारी की चुनौती
डीसी ने बताया कि राहत की बात यह है कि मेले की तीन सोमवारी शांतिपूर्ण बीत चुकी हैं। अंतिम और चौथी सोमवारी के लिए प्रशासन दो से तीन गुना अधिक मेहनत के साथ मुस्तैद है ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
स्थानीय समाजसेवियों का मानना है कि अधिकारियों के अचानक जाने से थोड़ी परेशानी तो जरूर होगी, लेकिन सुरक्षा का मुख्य जिम्मा पुलिस बल पर है। इसके साथ ही स्थानीय नागरिकों ने भी जरूरत पड़ने पर प्रशासन को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
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