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JPSC Interview Scam: बाबूलाल मरांडी का बड़ा आरोप,कहा- इंटरव्यू बोर्ड मैनेज की बात आई सामने;मामले की हो CBI जांच

झारखंड लोकसेवा आयोग के साक्षात्कार में पैसे लेने के आरोपों पर सियासत तेज, बाबूलाल मरांडी बोले- बोर्ड में शामिल अधिकारियों की भी हो जांच

by Kanchan Kumar
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रांची : झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेपीएससी की परीक्षाओं में इंटरव्यू प्रक्रिया में बड़ी गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। बाबूलाल मरांडी ने इंटरव्यू में गड़बड़ी और अभ्यर्थियों से पैसे लिए जाने की शिकायतों का हवाला देते हुए अपराध जांच विभाग (सीआईडी) जांच पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने की मांग की है।

जेपीएससी की 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा की रद्द होने के बाद अब इसकी इंटरव्यू प्रक्रिया भी विवादों के घेरे में आ गई है। बाबूलाल मरांडी ने पूरी साक्षात्कार प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली और पैसे के लेनदेन के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र/संदेश लिखकर इस पूरे मामले की जांच सीआईडी के बजाय सीबीआई से कराने की वकालत की है।

​मरांडी का कहना है कि जब जांच के दायरे में खुद वे बड़े अधिकारी आ रहे हैं जो इंटरव्यू बोर्ड में मौजूद थे, तो राज्य की जांच एजेंसी निष्पक्ष पड़ताल कैसे कर पाएगी?

मरांडी के अनुसार, सीआईडी इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती। छात्रों का भरोसा बहाल करने और सच्चाई सामने लाने के लिए सीबीआई जांच ही एकमात्र रास्ता है।

​नंबर बढ़ाने के लिए वसूली गई बड़ी रकम

जेपीएससी की पूर्व सदस्य डॉ.अजीता भट्टाचार्य के पीए ब्रजराम की गिरफ्तारी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इंटरव्यू में नंबर बढ़ाने और बोर्ड को ‘मैनेज’ करने के नाम पर अभ्यर्थियों से भारी रकम वसूली गई।

गिरफ्तार आरोपियों के बयानों के आधार पर यह बात सामने आई है कि अभ्यर्थियों को खास कोड-डिकोड सिस्टम के तहत बोर्ड के सामने पेश किया जाता था ताकि उन्हें पहचानकर मनमुताबिक नंबर दिए जा सकें।

​बोर्ड सदस्यों की भूमिका पर सवाल

इंटरव्यू पैनल में राज्य के कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जैसे सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक एवं अन्य शामिल थे। मरांडी ने सवाल उठाया कि जब सीआईडी के ही शीर्ष अधिकारी इंटरव्यू बोर्ड का हिस्सा रहे हैं, तो वही एजेंसी अपने अधिकारियों की भूमिका की जांच निष्पक्ष तरीके से कैसे करेगी?
उन्होंने मांग की है कि मामले से जुड़े सभी अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएं और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाए।
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