
रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सीजीएल परीक्षा में हुई गड़बड़ी के तार अब परत-दर-परत खुलने लगे हैं। इस पूरे मामले की कमान संभाल रही सीआईडी को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने इस सिंडिकेट के मुख्य चेहरे सुरेश राय को धर दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी बोकारो के दुग्धा इलाके न्यू बीसीसीएल कॉलोनी का निवासी है। कोर्ट में पेशी के बाद उसे सीधे जेल भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले सीआईडी ने सुरेश राय के बेटे उमेश राय को भी इसी मामले में दबोचा था। अब पिता की गिरफ्तारी से इस बात पर मुहर लग गई है कि पिता-पुत्र की यह जोड़ी पर्चा लीक कराने वाले गिरोह की अहम कड़ी थी।
घर के भीतर चल रही थी ‘विशेष क्लास’
मामले की छानबीन में जो तथ्य सामने आए हैं, वे हैरान करने वाले हैं। सीआईडी के अनुसार, परीक्षा से ठीक पहले सुरेश राय के बोकारो वाले ठिकाने पर करीब 30 से अधिक परीक्षार्थियों को गुप्त रूप से ठहराया गया था।
अभ्यर्थियों को परीक्षा में आने वाले सवाल और उनके सही जवाब पूरी तरह जबानी याद कराए जा रहे थे। इस ‘स्पेशल क्लास’ का मकसद परीक्षा भवन में धांधली के जरिए मनमाफिक परिणाम हासिल करना था। इस पूरी साजिश के पीछे अभ्यर्थियों से मोटी रकम ऐंठने की योजना बनाई गई थी।
अब पैसों के लेन-देन और नेटवर्क पर कस रहा शिकंजा
सुरेश राय के सलाखों के पीछे पहुंचने के बाद अब सीआईडी इस गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश में जुट गई है। जांच अधिकारी मुख्य रूप से तीन चीजों का पता लगा रहे हैं। अभ्यर्थियों से इस धांधली के बदले कितने-कितने रुपये वसूले गए थे? प्रश्नपत्र सबसे पहले किस अधिकारी या माध्यम के ज़रिए बाहर आया? इस पूरे नेटवर्क में राज्य या राज्य के बाहर के और कौन-कौन से रसूखदार शामिल हैं?
सीआईडी का दावा है कि जल्द ही इस रैकेट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
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