
चाईबासा : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झाल्सा), रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) ने मानवीयता की अनूठी मिसाल पेश की है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में डालसा की टीम ने सड़क हादसे में घायल एक असहाय बुजुर्ग को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया है।
16 जुलाई को हुआ था हादसा
जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के रहने वाले बुजुर्ग फूलदेव यादव गत 16 जुलाई को नोवामुंडी क्षेत्र में एक गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही नोवामुंडी थाना की सब-इंस्पेक्टर पूर्णिमा कुमारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल बुजुर्ग को तत्काल अस्पताल पहुंचाया और उनका इलाज शुरू करवाया।
इलाज के बाद वृद्धाश्रम में पुनर्वास
बुजुर्ग के इलाज के दौरान ही नोवामुंडी पुलिस ने इसकी सूचना डालसा को दी। इसके बाद डालसा के पैरा लीगल वालंटियर्स (PLV) और पुलिस टीम ने मिलकर उनके पुनर्वास की योजना बनाई। अस्पताल से छुट्टी मिलने के उपरांत 23 जुलाई को बुजुर्ग फूलदेव यादव को झींकपानी स्थित ‘संचार वृद्धाश्रम’ में सम्मानपूर्वक भर्ती कराया गया। परिजनों की खोज पूरी होने तक वे इसी वृद्धाश्रम में रहेंगे। सुरक्षित आश्रय मिलने पर फूलदेव यादव ने राहत व्यक्त करते हुए डालसा और पुलिस टीम का हृदय से आभार जताया।
इन सदस्यों का रहा सराहनीय योगदान
इस पूरे सेवा कार्य को अंजाम देने में डालसा के अधिकार मित्र विनीता सांडिल, प्रमिला पात्रो, उमर सादिक, सुनील देवगम और समूह सदस्य पूनम देवी की मुख्य भूमिका रही। टीम ने अस्पताल से डिस्चार्ज कराने से लेकर वृद्धाश्रम में दाखिले तक की सभी विधिक व प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कीं।
डालसा का वक्तव्य
जिला विधिक सेवा प्राधिकार असहाय, वृद्ध और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। बुजुर्ग के परिजनों का सुराग मिलते ही उन्हें सूचित कर सुरक्षित घर भेजने की व्यवस्था की जाएगी।

