
पलामू : पलामू जिले में अपहरण करने आए अपराधियों ने परिवार के तीन लोगों पर हमला बोल दिया। चाकू लगने से युवक की मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर आक्रोश जताया। युवक का शव बीच सड़क पर रखकर कोयल नदी पुल पर लगभग एक घंटे तक सड़क को जाम रखा।
पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के काराकाट बंदुवा में चाकूबाजी में जख्मी मकबूल मियां ने दम तोड़ दिया। घटना में घायल बहनोई सुलेमान मियां और मां शाहीन बीवी का इलाज एमएमसीएच में चल रहा है।
इधर मौत की सूचना के बाद गुरुवार को आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने शव के साथ मेदिनीनगर-चैनपुर के बीच शाहपुर में कोयल नदी पुल सड़क को एक घंटे तक जाम रखा। जाम सुबह साढ़े आठ से साढ़े नौ बजे तक रहा। सूचना पाकर चैनपुर के थाना प्रभारी लाल जी, सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी, ट्रैफिक प्रभारी रुद्रानंद सरस के अलावा कई पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। चैनपुर के जिला पार्षद और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता फजायल अहमद भी जाम कर विरोध करने वालों के साथ थे।
सड़क जाम कर रहे लोगों ने अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाए। वे मौके पर पुलिस अधीक्षक को बुलाने की मांग कर रहे थे। काफी समझाने और मांगो पर लिखित आश्वासन देने पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ। फिर डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए एमएमसीएच में भेजा गया।
अपराधी 4 महीने से दे रहे थे धमकी
काराकाट बंदूआ गांव में बुधवार शाम खूनी वारदात हुई। अपराधियों ने मकबूल मियां और उसकी मां शाहीना बीबी को चाकू मार दिया था, जबकि बहनोई सुलेमान मियां को गोली मारी थी। अपराधी सुलेमान मियां की बेटी का अपहरण करने आए थे। पिछले 4 महीने से धमकी दे रहे थे।
गंभीर स्थिति में मकबूल को इलाज के लिए पहले डॉक्टर राहुल अग्रवाल के अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति के देखते हुए रांची रेफर कर दिया गया था। ले जाने के क्रम में रास्ते में मौत हो गई।
पुल पर सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। दोनों छोर पर जाम लगा हुआ था। स्कूल कॉलेज जाने वाले बच्चे फंसे रहे। कई मरीज भी अस्पताल नहीं जा पा रहे थे। मजदूरी करने जाने वाले लोगों को भी भारी परेशानी हुई। लोगों को कोयल पुल से पैदल भी गुजरने नहीं दिया जा रहा था। कोयल नदी में पानी अधिक होने के कारण नीचे से पार करना भी मुश्किल था। हालांकि इसके बाद भी कुछ लोगों ने मशक्कत कर नदी पार किया।

