मेदिनीनगर (पलामू) : पलामू जिले के उपायुक्त शशि रंजन ने दाखिल खारिज मामलों के लंबित रहने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने नीलांबर-पीतांबरपुर के अंचल अधिकारी समेत तीन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है, क्योंकि इन अधिकारियों ने दाखिल खारिज के मामलों का ससमय निष्पादन नहीं किया। इन पर आरोप था कि उन्होंने प्राप्त आवेदनों का समय पर निपटारा नहीं किया, जबकि इसके लिए उच्च अधिकारियों से निर्देश भी मिले थे।
कार्रवाई और अर्थदंड की जानकारी
उपायुक्त शशि रंजन ने नीलांबर-पीतांबरपुर के अंचल अधिकारी सुनील कुमार सिंह, राजस्व उप निरीक्षक रितेश रंजन तिवारी और प्रभारी सीआई महेंद्र राम के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रत्येक पर 65-65 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। यह राशि इन अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन से काट ली जाएगी। ये अधिकारी दाखिल खारिज के 62 मामलों को निर्धारित समय सीमा से अधिक समय तक लंबित रखते हुए काम कर रहे थे। जबकि सामान्य तौर पर 30 दिनों के भीतर इन मामलों का निपटारा करना होता है और आपत्ति के मामलों में यह समय 90 दिन होता है।
झारखंड राज्य सेवा गारंटी अधिनियम के तहत कार्रवाई
इन अधिकारियों के खिलाफ झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम 2011 के तहत कार्रवाई की गई है। उपायुक्त शशि रंजन ने कहा कि जिला प्रशासन पलामू वासियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करने दे, इसके लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विकास कार्यों को शिथिल करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भविष्य में भी कड़ी कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
अपर समाहर्ता द्वारा दी गई चेतावनी
पलामू के अपर समाहर्ता ने 21 दिसंबर 2024 को कार्यालय निरीक्षण के दौरान दाखिल खारिज के मामलों के निष्पादन के लिए निर्देश दिए थे। इसके बाद भी, इन मामलों का समय पर निष्पादन नहीं हुआ। फिर 8 फरवरी 2025 को एक बैठक के दौरान अपर समाहर्ता ने चेतावनी दी थी, लेकिन इसके बावजूद इन 62 मामलों का निपटारा तय समय सीमा में नहीं हो सका।

