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Ramgarh News: रामगढ़ पुलिस की हाईटेक पहल… अपराधियों की बनेगी ई-प्रोफाइल, होगी डिजिटल मॉनिटरिंग

अपराधियों पर रामगढ़ पुलिस का डिजिटल शिकंजा कसने जा रहा है। 1971 अपराधियों की ई-प्रोफाइल बनेगी। उसकी हर गतिविधि पर पुलिस की नजर रहेगी। डिजिटल पोर्टल से नियमित ट्रैकिंग की जाएगी।

by Kanchan Kumar
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रामगढ़ : अपराधियों पर लगाम कसने के लिए रामगढ़ पुलिस हाईटेक पहल करने जा रही है। अपराधियों की ई-प्रोफाइल बनाई जाएगी। फिर उन पर डिजिटल तरीके से नजर रखी जाएगी। हर अपराधी पुलिस के डिजिटल शिकंजे में होगा। उसकी डिजिटल प्रोफाइल और निगरानी रामगढ़ जिले के अलावा दूसरे राज्यों में भी रहेगी। इस अनोखी पहले के तहत रामगढ़ पुलिस अपराधियों की सूची तैयार कर रही है। अब तक 1971 के नाम शामिल किए गए हैं।

यह जानकारी रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने दी। वे संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि अपराध नियंत्रण और सक्रिय अपराधियों की प्रभावी निगरानी के लिए क्राईम प्रीवेंशन एंड डिटेक्शन विंग बनाया गया है। यह वारदातों के त्वरित उद्भेदन को और अधिक सुदृढ बनाने के उद्देश्य से काम करेगी।

डिजिटल क्रिमिनल मॉनिटरिंग पोर्टल विकसित

रामगढ़ एसपी ने बताया कि यह पूरी तरीके से तकनीक आधारित पहल है, जिसमें 36 सदस्य शामिल किए गए हैं। अपराधियों की डिजिटल प्रोफाइलिंग एवं निगरानी के लिए एक डिजिटल क्रिमिनल मॉनिटरिंग पोर्टल भी विकसित किया गया है।

उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 तक 12 कैटेगरी में चार्जशीटेड 1971 अपराधियों की सूची बनाई गई है। आर्म्स एक्ट में रामगढ़ जिले के 194, दूसरे जिले के 119 और झारखंड से बाहर के 25 अपराधियों का नाम शामिल है। एनडीपीएस एक्ट में रामगढ़ जिले के 51, दूसरे जिले के 17 और झारखंड राज्य के बाहर के 15 अपराधी शामिल हैं।

हत्या मामले में रामगढ़ जिले के 138, दूसरे जिले के 10 और झारखंड राज्य से बाहर के पांच अपराधी शामिल हैं। रंगदारी मामले में रामगढ़ जिले के 50, दूसरे जिले के 39 और दूसरे राज्य के आठ अपराधी शामिल हैं। डकैती मामले में रामगढ़ जिले के 23, दूसरे जिले के 22 और दूसरे राज्य के दो अपराधी शामिल हैं।

वाहन चोरी मामले में रामगढ़ के 101, दूसरे जिले के 99 और दूसरे राज्य के 39 अपराधी शामिल हैं। उत्पाद अधिनियम के तहत रामगढ़ के 153, दूसरे जिले के 26 और दूसरे राज्य के 17 अपराधियों को शामिल किया गया है। अन्य मामले में रामगढ़ जिले के 255, दूसरे जिले के 22 और दूसरे राज्य के सात अपराधी शामिल हैं। इस तरह रामगढ़ जिले में रहने वाले 1374, दूसरे जिले में रहने वाले 458 और दूसरे राज्य में रहने वाले 139 अपराधियों पर पुलिस की सीधी निगाह रहेगी।

लूट मामले में रामगढ़ के 22, दूसरे जिले के 24 और दूसरे राज्य के दो अपराधी शामिल हैं। छिनतई में रामगढ़ जिले के 14, दूसरे जिले के 14 और दूसरे राज्य के छह अपराधी शामिल हैं। चोरी में रामगढ़ के 282, दूसरे जिले के 53 और दूसरे राज्य के 8 अपराधी हैं। गृह भेदन मामले में रामगढ़ जिले के 91, दूसरे जिले के 13 और दूसरे राज्य के पांच अपराधी शामिल हैं।

अपराधी कहीं भी जाएं, पुलिस की निगाह बनी रहेगी

उन्होंने बताया कि अपराधी जिस जगह के रहने वाले हैं और जिस जगह पर अपराध कर चुके हैं, उसकी पूरी डिटेल पुलिस के पास रहेगी। वे किसी भी जिले में चले जाएं और कहीं भी छिपें पुलिस की निगाह से बच नहीं सकते। 1971 अपराधियों की पूरी प्रोफाइल डिजिटल हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस विंग में रामगढ़ एसडीपीओ, पतरातु एसडीपीओ, डीएसपी हेडक्वार्टर, जिले के सभी इंस्पेक्टर, थाना प्रभारी, ओपी प्रभारी को आवश्यकतानुसार नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। यह विंग एसपी के प्रत्यक्ष निगरानी और निर्देशन में काम करेगा। इसके कार्यों के नियमित समीक्षा भी होगी।

विशेष डिजिटल पोर्टल विकसित

उ्होंने बताया कि संपूर्ण प्रक्रिया को डिजिटल स्वरूप प्रदान करने के लिए पुलिस की ओर से विशेष डिजिटल पोर्टल विकसित किया गया है। भौतिक सत्यापन होने के बाद सभी अपराधी के डिजिटल प्रोफाइल लिंक इस पोर्टल पर अपडेट हो जाएगी।

उसका आपराधिक इतिहास, वेरिफिकेशन डिटेल, वर्तमान निवास, अपराध शैली सहित अन्य आवश्यक सूचना उस पर सुरक्षित रहेगी। भविष्य में होने वाले अपराध की घटना के उद्भेदन में अपराधियों की पहचान करने में भी पुलिस को इससे मदद मिलेगी। साथ ही जमानत पर रिहा हुए अपराधियों पर भी नियमित निगरानी रखी जा सकेगी।

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