RANCHI: रांची नगर निगम शहर के विकास में अहम भूमिका निभा रहा है। लेकिन इस बार नगर निगम ने अनोखा कारनामा कर दिया है। शहर में विकास कार्यों के बीच एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जिसने नगर निगम के कामकाज पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कचहरी चौक स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पार्क के बाहर राहगीरों के लिए लगाई गई सीमेंट की कुर्सियां अब जमीन के अंदर दबती नजर आ रही हैं। यूं कहे तो विकास के बीच अंडर ग्राउंड हो गई है।पार्क के बाहर चल रहे डेवलपमेंट कार्य के दौरान यह स्थिति उत्पन्न हुई है, जिसे लोग निगम की लापरवाही बता रहे हैं।

1 करोड़ की लागत से काम
जानकारी के अनुसार पार्क के बाहरी हिस्से में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराया जा रहा है। इस परियोजना के तहत आसपास के क्षेत्र को नया रूप देने का काम चल रहा है। लेकिन काम के दौरान पहले से लगी सार्वजनिक सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण राहगीरों के बैठने के लिए लगाई गई सीमेंट की कुर्सियां जमीन के नीचे दब गईं। ऊपर से वहां पर पौधे लगा दिए गए हैं। अब ये बैठने की स्थिति में भी नहीं है। कुछ दिन ये पूरी तरह जमींदोज हो जाएंगे।
सांसद ने लगवाई थी कुर्सियां
बताया जाता है कि ये कुर्सियां राज्यसभा सांसद महुआ माजी द्वारा अपने सांसद मद से लोगों की सुविधा के लिए लगवाई गई थीं, ताकि पार्क आने-जाने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और राहगीर आराम कर सकें। मगर कार्य के बाद इन कुर्सियों का उपयोग लगभग असंभव हो गया है। कई कुर्सियां आधी से ज्यादा मिट्टी और निर्माण सामग्री में दब चुकी हैं। जिससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
संसाधनों की अनदेखी
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी है। लेकिन योजना और समन्वय की कमी के कारण पहले से मौजूद संसाधनों की अनदेखी की जा रही है। उनका आरोप है कि यदि काम शुरू करने से पहले समुचित निरीक्षण और योजना बनाई जाती, तो इस तरह की स्थिति नहीं बनती। इन कुर्सियों को कहीं और लगाया जा सकता था। जिससे कि लोगों को बैठने की जगह मिल पाती। सुबह शाम काफी संख्या में लोग इस पार्क में आते हैं।

