रांची : राजधानी रांची में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए एसएसपी राकेश रंजन ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने मंगलवार को रांची के कांके थानेदार प्रकाश रजक को लाइन हाजिर कर दिया। कांके थानेदार पर लगातार आरोप लग रहे थे। पुलिस विभाग पर भी कांके थानेदार के प्रभाव की चर्चा सामने आई थी। द फोटोन न्यूज ने लगातार कांके थानेदार के कारनामों को प्रमुखता से उठाया था। अब खबर पर रांची एसएसपी ने संज्ञाान लिया। इसके बाद उन्होंने तत्काल प्रभाव से प्रकाश रजक को लाइन हाजिर कर दिया है।

बता दें कि कांके थानेदार पर पद का दुरुपयोग कर जमीन कारोबारियों से मिलीभगत करने और उन्हें गलत तरीके से फायदा पहुंचाने के गंभीर आरोप लगे थे। कांके क्षेत्र में हाल के दिनों में अपराध की घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ था। सुकुरहुट्टू गांव में घर में घुसकर फायरिंग की घटना और अगले ही दिन बोड़ेया स्थित राजकीयकृत उच्च विद्यालय में चोरी व तोड़फोड़ ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए थे।

गंभीर आरोपों के बाद भी चल रही थी थानेदारी
कांके थानेदार के खिलाफ दो-दो विभागीय कार्यवाही भी चल रही है। वहीं, एक आदिवासी महिला ने कांके थानेदार के खिलाफ हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट दायर की है। महिला ने आरोप लगाया है कि कांके थानेदार ने भू-माफिया से मिलीभगत कर उनकी जमीन पर कब्जा कराया है। इससे पहले कांके थानेदार को हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई थी। थानेदार पर आरोप था कि उन्होंने एक युवक को देर रात जबरन घर से उठाकर अवैध तरीके से हिरासत में रखा। इसके बाद युवक के पिता हाईकोर्ट पहुंचे थे। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए कांके थाने के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश दिया था।

दो मुंशियों को हटाने का कमान तक वापस
इसी साल जनवरी में कांके थाना के दो मुंशी- आरक्षी रूपेश रजक और आरक्षी अमित कुमार को हटाने का कमान कटा था। इसके बावजूद 24 घंटे के अंदर वापस कांके थाना का ही कमान दे दिया गया। इनका तबादला 24 घंटे के अंदर रोक लिया जाना पुलिस विभाग में कांके थानेदार के प्रभाव को दशार्ता है।

दो-दो विभागीय कार्यवाही
बता दें कि कांके थानेदार के खिलाफ पहले से दो-दो विभागीय कार्यवाही चल रही है। एक विभागीय कार्यवाही युवक को जबरन घर से उठाकर हिरासत में रखने के मामले में चल रही है। वहीं, दूसरी विभागीय कार्यवाही कांके थाना में दर्ज एक मामले में गंभीर लापरवाही बरतने के मामले को लेकर चल रही है।

युवक को देर रात जबरन घर से उठाया, अवैध रूप से हिरासत में रखा
दरअसल, अनिल टाइगर हत्याकांड में कांके थाना में दर्ज कांड संख्या 90/2025 में अग्रिम जमानत मिलने और जमानत बांड भरने के बावजूद बिना किसी वारंट और कारण के कांके थानेदार ने देवब्रत नाथ शाहदेव को देर रात जबरन घर से उठा लिया और अवैध रूप से हिरासत में रखा। इस मामले में हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका (हेवियर्स कॉर्पस) दायर की गई थी। इस पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे। हाईकोर्ट की फटकार के बाद थानेदार के खिलाफ कार्यवाही शुरू की गई।

केस पर 11 महीनों में कोई कार्रवाई नहीं, जांच पूरी तरह रखा ठप
कांके थानेदार प्रकाश रजक ने एक गंभीर लापरवाही बरती। इस मामले में थानेदार के अलावा केस के फॉर्मर इंवेस्टिगेशन आॅफिसर (आईओ) संतोष कुमार पर भी गाज गिरी। दरअसल, कांके थाना में दर्ज एक मामले की अनुसंधान प्रक्रिया में झारखंड हाईकोर्ट ने गंभीर सवाल उठाए थे। हाईकोर्ट की फटकार के बाद रांची एसएसपी ने कांके थानेदार प्रकाश रजक और अनुसंधानकर्ता के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने का आदेश जारी किया है। इस केस में आईओ ने 11 महीनों में कोई कार्रवाई नहीं की और जांच पूरी तरह ठप रखा, जबकि बतौर पर्यवेक्षण अधिकारी कांके थानेदार ने भी लापरवाही बरती। महीनों बीत जाने के बाद भी न किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई, न ही अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई। हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद विभागीय स्तर पर कांड की समीक्षा की गई, जिसमें कई गंभीर त्रुटियां सामने आईं।
दो-दो विभागीय कार्यवाही चलने पर भी चल रही थी थानेदारी
कांके थानेदार के खिलाफ दो-दो विभागीय कार्यवाही चल रही है, लेकिन भी वे अपने पद पर बने हुए थे। ऐसे में जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा हो रहा था। विभागीय कार्रवाई के दौरान प्रकाश रजक को उसी थाने में थानेदार के पद पर बनाए रखते हुए कार्रवाई शुरू की गई थी। मुद्दों को द फोटोन न्यूज ने प्रमुखता से उठाया था। खबर पर रांची एसएसपी ने संज्ञान लेकर कार्रवाई की।

