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Rural Roads : ग्रामीण सड़क-पुल योजनाओं पर 8,370 करोड़ रुपए का दायित्व, इस साल 1,400 करोड़ अतिरिक्त की जरूरत

by Nikhil Kumar
Jharkhand Rural Roads
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रांची : झारखंड में ग्रामीण सड़क और पुल-पुलिया से जुड़ी तीन प्रमुख योजनाओं का कुल वित्तीय दायित्व 8,369.67 करोड़ तक पहुंच गया है। पुराने कार्यों के भुगतान और चालू वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित योजनाओं को मिलाकर बने इस दायित्व के बीच सरकार को 2026-27 में करीब 1,400 करोड़ अतिरिक्त राशि की जरूरत पड़ने का आकलन किया गया है। इसकी व्यवस्था अनुपूरक बजट से किए जाने की संभावना है। वित्तीय दबाव को देखते हुए नई योजनाओं की स्वीकृति को भी सीमित रखने का प्रस्ताव है। ठेकेदारों और सप्लायरों का भुगतान लंबितहै।

ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियरों के अनुसार, इन योजनाओं में स्वीकृत और कराये गये सड़क, पुल-पुलिया तथा सुदृढ़ीकरण कार्यों के भुगतान के कारण दायित्व बनता है। काम की प्रगति और पूरा होने के आधार पर निर्माण एजेंसियों और संवेदकों के भुगतान की जरूरत होती है। पुराने लंबित भुगतान को चरणबद्ध तरीके से निपटाने के लिए वित्तीय वर्षों के हिसाब से राशि की व्यवस्था की जा रही है।

वित्तीय प्रबंधन के आकलन के अनुसार 2026-27 में इन योजनाओं के लिए करीब 4,730 करोड़ की जरूरत होगी, जबकि बजट में करीब 3,330 करोड़ का प्रावधान है। इस अंतर के कारण करीब 1,400 करोड़ अतिरिक्त राशि की आवश्यकता सामने आ रही है।

पुराने 6,369.67 करोड़ के भुगतान दायित्व में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना शामिल हैं। 2026-27 में पुराने दायित्व के भुगतान के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में 1,000 करोड़, मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना में 600 करोड़ और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना में 2,530 करोड़ की जरूरत का आकलन किया गया है। यह राशि पूर्व में कराये गये सड़क, पुल और सुदृढ़ीकरण कार्यों से जुड़े भुगतान दायित्वों को निपटाने में खर्च होगी।

विधानसभा क्षेत्रवार 25 करोड़ की नई योजनाएं

इसी बीच मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 25 करोड़ की नई योजनाएं लेने का प्रस्ताव है। इससे करीब 2,000 करोड़ का नया दायित्व बनने का अनुमान है। इस राशि का भुगतान एक साथ नहीं होगा। अगले तीन वित्तीय वर्षों में 30:50:20 के अनुपात में भुगतान का अनुमान है। इसके तहत 2026-27 में 600 करोड़, 2027-28 में 1,000 करोड़ और 2028-29 में 400 करोड़ रुपए की जरूरत होगी।

वित्तीय दबाव को देखते हुए प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रस्तावित नई योजनाओं के अलावा अन्य नई योजनाओं की स्वीकृति नहीं दी जाए, ताकि आने वाले वर्षों में सरकार पर भुगतान का अतिरिक्त बोझ तेजी से न बढ़े। आगामी वित्तीय वर्षों में बजटीय प्रावधान बढ़ाकर पुराने दायित्वों के भुगतान की व्यवस्था करने की जरूरत बतायी गयी है। इस तरह सरकार के सामने एक ओर करीब 8,370 करोड़ के कुल दायित्व को चरणबद्ध तरीके से निपटाने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों की नई सड़क-पुल योजनाओं के लिए राशि उपलब्ध कराने की जरूरत है।

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