Nari Shakti Vandan: पलामू। नरेंद्र मोदी की सरकार ने हर वायदे पूरे किए हैं। आधी आवादी को अधिकार देने वाला वायदा भी पूरा करेंगे। यह बातें केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में कहीं। वे पलामू दौरे पर आए थे। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम की महत्ता एवं सदन में इस पर विपक्ष की भूमिका पर विस्तार से बात की।
उन्होंने कहा कि 2023 महिला आरक्षण के दौरान क्लाउज जोड़ा गया था कि पहले जनगणना होगी, उसके बाद डिलिमिटेशन होगा। इसके बाद आरक्षण दिया जाएगा। इस बात की जानकारी सभी को है कि 2026 तक डिलिमिटेशन बैन था। जनगणना डिलिमिटेशन में 2 साल का समय लगेगा।
संजय सेठ ने कहा कि 25 अप्रैल को झारखंड में महिलाएं अपनी ताकत दिखाएंगी। रांची में एक जगह जमा हो नारी शक्ति का अहसास कराएंगी। इसे लेकर आयोजित होने वाली पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं भाग लेंगी। संजय सेठ ने कहा कि इस बिल से वैसे लोगों को डर था जो परिवारवाद की राजनीति करते हैं। बिल गिरने के बाद ऐसे लोगों ने जश्न भी मनाया।
देश को फायदा देने वाला बिल
लोकसभा से लेकर हर जगह महिलाओं की भागीदारी बढ़ने वाली थी। लेकिन परिवारवाद वालों को डर था कि सत्ता उनके परिवार से खिसककर दूसरी महिलाओं के हाथ में चली जाएगी। यही वजह थी कि बहुमत का आंकड़ा पीछे छूट गया। उन्होंने कहा कि यह कोई भारतीय जनता पार्टी का एजेंडा नहीं था, बल्कि देश को इससे फायदा होता। हर घर में आधी आवादी है। देश की आधी आबादी को बड़ा फायदा होनेवाला था।
उन्होंने कहा कि यह कितनी शर्म की बात है कि बिल पेश करने के दौरान विपक्ष के लोगों ने ऑपरेशन सिंदूर से लेकर कई बातों का मजाक उड़ाया। प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता, आलोक चौरसिया, मेयर अरुणा शंकर, जिला अध्यक्ष अमित तिवारी समेत कई लोग मौजूद थे।

