झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUJ) में आयोजित ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विषय पर संगोष्ठी में भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की अवधारणा से देश का समग्र विकास संभव है। यह पहल न केवल आर्थिक संसाधनों की बचत करेगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों को भी सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा।
चुनावों पर खर्च और विकास कार्यों पर असर
संजय सेठ ने बताया कि वर्ष 2024 के चुनावों में लगभग एक लाख करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जिससे काम के घंटों और शासकीय योजनाओं पर भी असर पड़ा। उन्होंने बताया कि हर पांच साल में औसतन 1012 दिन आचार संहिता लागू रहती है, जिससे विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है। मंत्री ने इसे एक गहन विषय बताया और इस पर पक्ष और विपक्ष दोनों को गंभीर चर्चा करने की आवश्यकता जताई।
कार्यक्रम की शुरुआत और अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. क्षिति भूषण दास, पूर्व विधायक जीतू चरण, समाजसेवी राजीव कमल बिट्टू, चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे। कुलपति ने केंद्रीय मंत्री संजय सेठ का पुष्पगुच्छ, शॉल और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया और विश्वविद्यालय की प्रकाशित पुस्तकें भेंट कीं। साथ ही, उन्होंने लिंगदोह आयोग की संस्तुतियों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को चुनावी प्रक्रिया के बदलते स्वरूप से अवगत कराया।
समाजसेवी राजीव कमल बिट्टू की टिप्पणी
समाजसेवी राजीव कमल बिट्टू ने कहा कि आज़ादी के शुरुआती वर्षों में भारत में एक साथ चुनाव होते थे, और अब पुनः इस दिशा में विचार करना आवश्यक हो गया है। उन्होंने ‘एकं सत् विप्राः बहुधा वदंति’ का उल्लेख करते हुए एक भारत की अवधारणा को रेखांकित किया।
डॉ. आलोक गुप्ता और डॉ. संजय अग्रवाल का दृष्टिकोण
डॉ. आलोक गुप्ता, डीन, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय ने कहा कि इससे न केवल भ्रष्टाचार में कमी आएगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी, क्योंकि चुनावों के दौरान स्कूलों और शिक्षकों का उपयोग सीमित हो जाएगा। सुरक्षा बलों को भी इससे राहत मिलेगी। वहीं, डॉ. संजय अग्रवाल, सहायक प्राध्यापक ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे एक सकारात्मक और भ्रष्टाचारमुक्त राष्ट्र की दिशा में उठाया गया कदम बताया।
कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रज्ञा शुक्ला ने किया और धन्यवाद ज्ञापन नैक अध्यक्ष प्रो. के. बी. पंडा ने प्रस्तुत किया। इस संगोष्ठी में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं शिक्षकगण उपस्थित थे।

