
चक्रधरपुर : श्रावणी मेला-2026 को लेकर रेलवे की ओर से भी श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करने की पहल शुरू कर दी गई है। श्रावणी मेले के दौरान महादेवशाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत महादेवशाल रेलवे स्टेशन पर 22 जोड़ी यात्री ट्रेनों का अस्थायी ठहराव किया जाएगा। यह व्यवस्था 30 जुलाई 2026 से 28 अगस्त 2026 तक लागू रहेगी। रेलवे का मानना है कि इससे श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में काफी सुविधा मिलेगी।
30 जुलाई से 28 अगस्त तक दो-दो मिनट रुकेंगी ट्रेनें
दक्षिण पूर्व रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद यह निर्णय लिया गया है। श्रावणी मेला के दौरान महादेवशाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए महादेवशाल (एमएक्सडब्ल्यू) रेलवे स्टेशन पर 22 जोड़ी ट्रेनों के लिए दो-दो मिनट का अस्थायी ठहराव निर्धारित किया गया है। रेलवे के अनुसार यह विशेष व्यवस्था 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगी। निर्धारित समय के अनुसार ट्रेनें महादेवशाल स्टेशन पर रुकेंगी, जिससे श्रद्धालु आसानी से मंदिर पहुंच सकेंगे।
इन प्रमुख ट्रेनों का होगा महादेवशाल स्टेशन पर ठहराव
रेलवे द्वारा जारी सूची के अनुसार जिन प्रमुख ट्रेनों को अस्थायी ठहराव दिया गया है, उनमें बीएमपीआर-राउरकेला साप्ताहिक एक्सप्रेस, दानापुर-दुर्ग एक्सप्रेस, हावड़ा-टिटलागढ़ इस्पात एक्सप्रेस, हावड़ा-कांताबांजी इस्पात एक्सप्रेस, पुरी-योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस, संबलेश्वरी एक्सप्रेस, टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस, टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस, टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस, चक्रधरपुर-राउरकेला सरंडा मेमू तथा टाटानगर-राउरकेला मेमू सहित कुल 22 जोड़ी ट्रेनें शामिल हैं।
इन ट्रेनों के ठहराव से झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा।
श्रद्धालुओं से रेलवे की अपील
दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल ने श्रद्धालुओं और यात्रियों से यात्रा के दौरान वैध टिकट लेकर सफर करने की अपील की है। साथ ही सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करने तथा स्टेशन परिसर में व्यवस्था बनाए रखने का अनुरोध किया गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि श्रावणी मेला के दौरान यात्रियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए यह विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

