
Jamshedpur : टाटा स्टील कर्मचारियों के लिए इस बार बोनस को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। कंपनी में मंगलवार से बोनस पर वार्ता शुरू हो गई। प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच हुई शुरुआती बातचीत में कंपनी के मुनाफे, उत्पादकता, प्रोफिटेबिलिटी और सेफ्टी समेत बोनस फॉर्मूले के विभिन्न मानकों पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि अगले एक सप्ताह के भीतर बोनस समझौते पर सहमति बन सकती है।
वार्ता कंपनी के सीएचआरओ जुबिन पालिया के स्तर पर हुई। प्रबंधन की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों में कंपनी के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन को प्रमुखता से रखा गया। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि इस बार भी पूर्व निर्धारित बोनस फॉर्मूले के आधार पर ही समझौता किया जाएगा।
मुनाफे में 1,630 करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी
टाटा स्टील का विशुद्ध मुनाफा इस वर्ष 10,886 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 9,255.05 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी के मुनाफे में करीब 1,630.95 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा प्रोफिटेबिलिटी और प्रोडक्टिविटी में भी सुधार दर्ज किया गया है। यही आंकड़े कर्मचारियों को इस बार बेहतर बोनस की उम्मीद दे रहे हैं।
बोनस फॉर्मूले में कंपनी के शुद्ध लाभ के साथ प्रोफिटेबिलिटी, बिक्री योग्य स्टील पर मुनाफा, उत्पादकता और सुरक्षा जैसे मानकों को शामिल किया जाता है। सूत्रों के अनुसार, फॉर्मूले के अतिरिक्त प्रबंधन की ओर से अतिरिक्त राशि देने की गुंजाइश भी रहती है।
350 करोड़ तक पहुंच सकता है बोनस
इस वर्ष करीब 25,600 कर्मचारियों के बीच बोनस राशि वितरित होने की संभावना है। इनमें लगभग 11 हजार कर्मचारी जमशेदपुर प्लांट से जुड़े हैं। मेरामंडली प्लांट के कर्मचारी इसमें शामिल नहीं हैं।
पिछले वर्ष टाटा स्टील में बोनस के मद में 303.12 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था। कर्मचारियों को अधिकतम 3,92,213 रुपये और न्यूनतम 39,004 रुपये बोनस मिला था। इस बार कुल बोनस राशि 350 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।
अनुमान है कि इस बार अधिकतम बोनस 4.25 लाख रुपये तक जा सकता है, जबकि औसत बोनस भी पिछले वर्ष के करीब 1.33 लाख रुपये से बढ़कर 1.50 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
टाटा स्टील के समझौते पर दूसरी कंपनियों की भी नजर
जमशेदपुर की अन्य कंपनियों में बोनस समझौते को लेकर भी टाटा स्टील के फैसले का इंतजार रहता है। औद्योगिक क्षेत्र में टाटा स्टील के बोनस समझौते को एक महत्वपूर्ण आधार माना जाता है और इसके बाद ही कई अन्य कंपनियों में बोनस वार्ता आगे बढ़ती है। ऐसे में शहर के हजारों कर्मचारियों की नजरें अब टाटा स्टील के बोनस समझौते पर टिकी हैं।
कंपनी के एमडी सह सीईओ टीवी नरेंद्रन के जमशेदपुर में मौजूद रहने और वरिष्ठ अधिकारियों की उपलब्धता को देखते हुए 3 या 4 सितंबर तक समझौता होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, बोनस की अंतिम राशि और समझौते की तारीख को लेकर प्रबंधन तथा यूनियन की ओर से अभी आधिकारिक रूप से कोई घोषणा नहीं की गई है।

