
रांची : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल निर्धारित सीमा के तहत सामूहिक रूप से मतदाता सूची से संबंधित आवेदन प्रपत्र जमा कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार राजनीतिक दलों के अधिकृत बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) संबंधित बीएलओ के समक्ष आवेदन प्रपत्र जमा कर सकते हैं।
निर्देशों के अनुसार प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले एक बीएलए प्रतिदिन अधिकतम 50 आवेदन प्रपत्र जमा कर सकता था। प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद यह सीमा घटाकर प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र कर दी गई है। झारखंड में प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन हो चुका है, इसलिए वर्तमान में एक अधिकृत बीएलए प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र ही संबंधित बीएलओ को जमा कर सकेगा।
सामूहिक रूप से आवेदन प्रपत्र जमा करते समय बीएलए को आवेदनों की सूची के साथ लिखित घोषणा अथवा अंडरटेकिंग देना अनिवार्य होगा। इसमें उसे प्रमाणित करना होगा कि संलग्न आवेदन प्रपत्रों में दर्ज विवरणों का व्यक्तिगत रूप से सत्यापन किया गया है और वह उपलब्ध कराई गई जानकारियों की शुद्धता से संतुष्ट है। घोषणा पत्र में बीएलए का पूरा नाम, राजनीतिक दल का नाम, तिथि और हस्ताक्षर दर्ज करना होगा।
एसआईआर में सहयोग करने की अपील
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि यदि कोई बीएलए पुनरीक्षण की पूरी अवधि में 30 से अधिक आवेदन प्रपत्र जमा करता है तो संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) अथवा सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) द्वारा आवेदनों का व्यक्तिगत रूप से क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य सामूहिक रूप से प्राप्त आवेदनों की शुद्धता सुनिश्चित करना और मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनाए रखना है। सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और उनके बीएलए से निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए एसआईआर में सहयोग करने की अपील की गई है।

