
Jamshedpur : टाटा स्टील में 24 जून 2026 को हुए वेतन समझौते के बाद कर्मचारियों के ग्रेड संशोधन, फिटमेंट और वार्षिक वेतन वृद्धि से जुड़ी विसंगतियों के समाधान के लिए वेतन विसंगति समिति (वेज रिवीजन एनामॉलीज कमेटी) का गठन किया गया है। कंपनी प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच विचार-विमर्श के बाद सात सदस्यीय संयुक्त समिति बनाई गयी है।
कंपनी की चीफ पीपल ऑफिसर अतरई सान्याल के हस्ताक्षर से 26 अगस्त को जारी सर्कुलर के अनुसार, सीएचआरओ जुबिन पालिया को समिति का संयोजक बनाया गया है। प्रबंधन की ओर से चीफ एचआरसीपी टाटा स्टील जमशेदपुर, गम्हरिया व हल्दिया मेट कोक यशवंत कुमार पांडेय, चीफ आईआर लीगल व सीडब्ल्यूएम राहुल दुबे तथा हेड एचआर, ईआर व टीएम मैन्युफैक्चरिंग उत्कर्ष भारद्वाज सदस्य होंगे।
वहीं, यूनियन की ओर से अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी टुन्नू, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह और महासचिव सतीश कुमार सिंह को समिति में शामिल किया गया है।
31 अगस्त तक दे सकते हैं आवेदन
वेज रिवीजन समझौते के प्रावधान लागू होने के बाद यदि किसी कर्मचारी को अपने ग्रेड, फिटमेंट, सालाना इंक्रीमेंट या अन्य संबंधित मदों में विसंगति या शिकायत है, तो वह 31 अगस्त 2026 तक समिति के समक्ष अपना प्रतिवेदन दे सकता है। समिति प्राप्त शिकायतों की जांच कर समझौते के प्रावधानों के अनुरूप समाधान करेगी।
गौरतलब है कि वेज रिवीजन समझौते के लागू होने के बाद विभिन्न विभागों में ग्रेड, फिटमेंट और इंक्रीमेंट को लेकर कर्मचारियों के बीच सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में विसंगति समिति के गठन से प्रभावित कर्मचारियों को अपनी शिकायत रखने का औपचारिक मंच मिल गया है।

