
पलामू/रांची : नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने झारखंड के दो परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। बाढ़ के बाद पलामू जिले का 50 वर्षीय मजदूर महेंद्र विश्वकर्मा कई दिनों से लापता है, जबकि रांची निवासी 41 वर्षीय रामप्रसाद घोष से भी आपदा के बाद संपर्क नहीं हो पा रहा है। दोनों नेपाल में अलग-अलग जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े थे। परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे हैं और प्रशासन से सुरक्षित खोजबीन की गुहार लगा रहे हैं।
जलविद्युत परियोजना में कार्यरत थे महेंद्र
पलामू के हैदरनगर प्रखंड स्थित बडंडा बरवाडीह निवासी महेंद्र विश्वकर्मा नेपाल के बाणेश्वर स्थित जलविद्युत परियोजना में कार्यरत थे। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद से उनका मोबाइल बंद है। कई दिनों से परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। इससे परिजनों को अनहोनी की आशंका सता रही है। दूसरी ओर, रांची के कोकर निवासी रामप्रसाद घोष भी बाढ़ के बाद से लापता बताए जा रहे हैं।
बाढ़ के बाद महेंद्र विश्वकर्मा का नहीं मिला कोई सुराग
50 वर्षीय महेंद्र विश्वकर्मा काम के सिलसिले में नेपाल के बाणेश्वर स्थित जलविद्युत परियोजना में गए थे। बाढ़ आने के बाद से परिवार का उनसे संपर्क टूट गया है। उनका मोबाइल लगातार बंद मिल रहा है और कई दिनों से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। परिजनों के अनुसार, कंपनी प्रबंधन ने अपने सभी कर्मियों के सुरक्षित होने का दावा किया है। इसके बावजूद महेंद्र विश्वकर्मा से संपर्क नहीं होने के कारण परिवार की चिंता है।
विदेश मंत्रालय से तलाश करने की मांग
महेंद्र के परिजनों ने विदेश मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन से हस्तक्षेप कर उनकी तलाश कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि नेपाल में राहत और बचाव कार्य जारी रहने के बावजूद उन्हें अब तक महेंद्र के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। मोबाइल संपर्क बंद होने के कारण परिजन लगातार परिचितों और संबंधित लोगों से जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।
रांची के रामप्रसाद घोष भी नेपाल में लापता
नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के बाद रांची निवासी 41 वर्षीय रामप्रसाद घोष से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजनों के मुताबिक, 25 अगस्त की रात उनकी आखिरी बार रामप्रसाद से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद से परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका है। रामप्रसाद घोष नेपाल के काठमांडू क्षेत्र में अपर त्रिशूली बेसरा स्थित एक निजी कंपनी से जुड़े थे। वह एंडीज हाइड्रो पावर कंपनी में प्रशासनिक पद पर कार्यरत थे। करीब 4 महीने पहले अप्रैल में वह काम के लिए नेपाल गए थे।
रामप्रसाद का परिवार रांची के कोकर इलाके में रहता है। प्राकृतिक आपदा के बाद उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने से परिजन परेशान हैं। परिवार लगातार उनके सुरक्षित होने की सूचना मिलने का इंतजार कर रहा है।
नेपाल की बाढ़ ने झारखंड के दो परिवारों की बढ़ाई चिंता
नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बाद कई इलाकों में बड़े पैमाने पर नुकसान की खबरें सामने आई हैं। राहत और बचाव अभियान के बीच लापता लोगों की तलाश की जा रही है। इसी आपदा में झारखंड के पलामू और रांची के दो लोगों से संपर्क टूटने के बाद उनके परिवार चिंतित हैं। महेंद्र विश्वकर्मा और रामप्रसाद घोष अलग-अलग क्षेत्रों में जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े थे। दोनों से संपर्क टूटने के बाद परिजन अपने स्तर पर जानकारी जुटाने के साथ प्रशासन से भी मदद मांग रहे हैं।
नेपाल, तिब्बत और कैलाश यात्रा पर गए लोगों की मांगी जानकारी
इस बीच पलामू पुलिस ने आपदा की गंभीर स्थिति को देखते हुए एक आवश्यक सूचना जारी की है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र से कोई व्यक्ति कैलाश यात्रा, नेपाल या तिब्बत की यात्रा पर गया है तो उसकी जानकारी नजदीकी थाने को उपलब्ध कराई जाए। पुलिस ने यात्रियों का पूरा नाम, पता और मोबाइल या वाट्सऐप नंबर देने की अपील की है। इस जानकारी के माध्यम से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद लोगों की स्थिति का पता लगाने और जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

